जिला वृक्षारोपण, गंगा एवं वेटलैंड समिति की संयुक्त बैठक में संरक्षण और नियमित निगरानी पर जोर
संवाददाता / कानपुर देहात
कानपुर देहात। जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला वेटलैंड समिति की संयुक्त बैठक बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार में जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट कपिल सिंह की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की उपस्थिति में आयोजित की गई। बैठक में जनपद में हुए वृक्षारोपण, पौधों के संरक्षण, नदियों की स्वच्छता तथा जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर विभागवार समीक्षा की गई।
पौधों की जीवितता सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने वृक्षारोपण महाअभियान के तहत लगाए गए पौधों की सिंचाई, फेंसिंग, संरक्षण एवं नियमित देखभाल की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान को केवल पौधारोपण तक सीमित न रखा जाए, बल्कि लगाए गए पौधों की जीवितता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पौधों की सुरक्षा और उनका उचित रख-रखाव भी वृक्षारोपण अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि पौधों को समय से पानी उपलब्ध हो तथा उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से लागू रहें।
100 प्रतिशत जियो टैगिंग पूरी
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी प्रोमिला ने बताया कि वृक्षारोपण महाअभियान के अंतर्गत लगाए गए पौधों की 100 प्रतिशत जियो टैगिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है।
इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जियो टैगिंग के साथ-साथ पौधों की वास्तविक स्थिति, जीवितता एवं संरक्षण की भी नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पौधों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि वृक्षारोपण अभियान के अपेक्षित परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।
नदियों की स्वच्छता पर विशेष जोर
जिला गंगा समिति की बैठक में जनपद की नदियों की स्वच्छता एवं साफ-सफाई की स्थिति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने नदी तटों और उनके आसपास के क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने तथा नदियों में प्रदूषण की रोकथाम के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पर्यावरण संरक्षण, नदियों की स्वच्छता एवं जल स्रोतों के संरक्षण को प्राथमिकता देने को कहा। साथ ही नदी तटों पर गंदगी एवं प्रदूषण की स्थिति उत्पन्न न होने देने के लिए प्रभावी निगरानी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
संरक्षण कार्यों की नियमित निगरानी पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में निरंतरता बनाए रखना आवश्यक है। वृक्षारोपण के बाद पौधों की देखभाल तथा नदियों एवं जल स्रोतों की स्वच्छता के लिए संबंधित विभाग नियमित रूप से निगरानी करते रहें और आवश्यकता के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य मौजूद रहे।