समयबद्ध एवं न्यायपूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश, पीड़ितों को न्याय का भरोसा
संवाददाता
कानपुर देहात।
कानपुर देहात। पुलिस अधीक्षक महोदया कानपुर देहात श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय एवं अपर पुलिस अधीक्षक महोदय ने बुधवार को अपने-अपने कार्यालयों में जनसुनवाई आयोजित कर फरियादियों एवं पीड़ितों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। जनसुनवाई में पहुंचे लोगों को अधिकारियों ने सम्मानपूर्वक बैठाकर उनकी शिकायतों एवं समस्याओं को विस्तार से समझा और संबंधित मामलों में नियमानुसार न्यायोचित कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिलाया।
जनसुनवाई के दौरान फरियादियों ने विभिन्न समस्याओं एवं मामलों से संबंधित प्रार्थना पत्र पुलिस अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए। पुलिस अधिकारियों ने प्रत्येक शिकायत को ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित प्रार्थना पत्रों को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सौंपा। साथ ही, शिकायतों का निष्पक्ष, न्यायपूर्ण एवं समय सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने संबंधित पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। शिकायतों की गंभीरता को समझते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा पीड़ितों एवं फरियादियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण में तथ्यों की जांच करते हुए निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इसी क्रम में जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारियों ने भी अपने-अपने कार्यालयों में जनसुनवाई कर फरियादियों एवं पीड़ितों की समस्याएं सुनीं। क्षेत्राधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की बातों को गंभीरता से समझते हुए संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए तथा फरियादियों को नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जनसुनवाई के माध्यम से आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के साथ ही फरियादियों के प्रति संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों को केवल औपचारिकता के रूप में न लिया जाए, बल्कि प्रत्येक प्रकरण में आवश्यक जांच एवं कार्रवाई करते हुए पीड़ित को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाए।