निर्माणाधीन मुख्यमंत्री मॉडल एवं अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय का डीएम ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता और समयबद्ध निर्माण के दिए निर्देश

24 करोड़ से अधिक की लागत से बन रहा विद्यालय, स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब और मिनी स्टेडियम जैसी सुविधाएं होंगी उपलब्ध

संवाददाता | उरई/जालौन

जनपद जालौन के ग्राम मडोरा में मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत निर्माणाधीन मुख्यमंत्री मॉडल एवं अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय का जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि विद्यालय का निर्माण कार्य कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल (UPPCL) द्वारा लगभग 24 करोड़ 2 लाख 49 हजार रुपये की लागत से कराया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अक्टूबर 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन भवन, कॉलम, ढांचागत कार्य एवं अन्य निर्माण गतिविधियों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य में और तेजी लाने, नियमित निगरानी रखने तथा निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि यह विद्यालय जनपद के शिक्षा क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा। यहां विद्यार्थियों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए स्मार्ट क्लासरूम, अत्याधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब, डिजिटल शिक्षण संसाधन, समृद्ध पुस्तकालय, बहुउद्देशीय गतिविधि कक्ष, मिनी स्टेडियम, विशाल खेल मैदान, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय तथा दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि इस विद्यालय के शुरू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में महानगरों जैसी आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं प्राप्त होंगी। इससे बच्चों के बौद्धिक, शारीरिक, तकनीकी एवं व्यक्तित्व विकास को नई दिशा मिलेगी तथा उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा एवं भविष्य के करियर के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय के संचालन से अभिभावकों को भी अपने बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा करने, पारदर्शिता बनाए रखने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर परियोजना को पूर्ण कर विद्यालय को विद्यार्थियों के लिए संचालित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चौधरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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