कानपुर देहात | संवाददाता
जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट कपिल सिंह की अध्यक्षता तथा मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट स्थित माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित निर्माण एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, निर्माणाधीन परियोजनाओं, फैमिली आईडी, आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण तथा विभागवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड शासन की प्राथमिकताओं की निगरानी का महत्वपूर्ण माध्यम है। सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि पोर्टल पर अद्यतन, सही एवं त्रुटिरहित सूचनाएं समय से अपलोड हों तथा योजनाओं की वास्तविक प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाए।
विभागवार समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करे। जिन योजनाओं की रैंकिंग बी, सी एवं डी श्रेणी में है, उनके लिए संबंधित अधिकारी तत्काल प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर कमियों को दूर करें तथा योजनाओं को शीघ्र ए श्रेणी में लाने के लिए विशेष प्रयास करें।
फैमिली आईडी की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों एवं नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को फीडिंग एवं सत्यापन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं के प्रत्येक पात्र लाभार्थी को फैमिली आईडी से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक समय पर पहुंच सके।
निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा, उच्च गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों के अनुरूप पूर्ण कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही संबंधित विभागों को नियमित स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का विवरण समय से पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
बैठक में विभिन्न विभागों की प्रमुख निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जिन परियोजनाओं में किसी प्रकार की बाधा आ रही है, उनका त्वरित समाधान कर कार्यों में तेजी लाई जाए।
आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण, तथ्यपरक एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक कार्रवाई न की जाए, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता अथवा प्रगति में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जयगोविन्द, जिला विकास अधिकारी सुनील तिवारी, डीसी मनरेगा अशोक कुमार, जिला क्रीड़ा अधिकारी नीलम सिद्दीकी, जीएम डीआईसी प्रभात, बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष पाण्डेय, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रतिभा सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।