जालौन में 15 दिव्यांग दंपतियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य, विवाह के बाद ऑनलाइन करना होगा आवेदन
संवाददाता
उरई/जालौन।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत दिव्यांग दंपतियों को अधिकतम 35 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। जिलाधिकारी समीर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पात्र दंपतियों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए हैं। जनपद जालौन में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 15 दिव्यांग दंपतियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
योजना के तहत युवक के दिव्यांग होने पर 15 हजार रुपये, युवती के दिव्यांग होने पर 20 हजार रुपये और पति-पत्नी दोनों के दिव्यांग होने पर 35 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
ये हैं योजना की पात्रता शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए विवाह के समय युवक की आयु 21 से 45 वर्ष तथा युवती की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। दंपति में से कोई भी आयकरदाता नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के अनुसार संबंधित व्यक्ति में कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता होना अनिवार्य है।
योजना का लाभ उन्हीं दंपतियों को मिलेगा, जिनका विवाह वित्तीय वर्ष 2025-26 या चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में हुआ है।
ऑनलाइन आवेदन के बाद जमा करनी होगी हार्ड कॉपी
पात्र दंपति विभागीय पोर्टल http://divyangjan.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, जालौन स्थित उरई के कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा।
आवेदन के साथ दंपति का संयुक्त फोटो, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र अथवा विवाह कार्ड, आयु प्रमाण पत्र, आय एवं जाति प्रमाण पत्र, संयुक्त बैंक खाते का विवरण, अधिवास प्रमाण पत्र तथा पति-पत्नी के आधार कार्ड की छायाप्रति संलग्न करनी होगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने और अधिक से अधिक पात्र दिव्यांग दंपतियों के आवेदन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य जनपद के लिए निर्धारित लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति करते हुए पात्र लाभार्थियों को योजना से लाभान्वित करना है।