ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस की प्रभावी पैरवी से मिला न्याय, 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाददाता
कानपुर देहात।
दहेज हत्या के एक मामले में न्यायालय ने दोषी विशाल शुक्ला उर्फ कन्हैया को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। यह फैसला 12 अक्टूबर 2026 को कानपुर देहात स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (एडीजे-15) ने सुनाया।
पुलिस के अनुसार, अकबरपुर थाना क्षेत्र के बढ़ापुर निवासी विशाल शुक्ला उर्फ कन्हैया पुत्र भगवानदीन शुक्ला के खिलाफ 6 दिसंबर 2023 को दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की फांसी लगाकर हत्या करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में थाना अकबरपुर में मुकदमा संख्या 519/2023 के तहत भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 498ए, 323, 504 और 304बी तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई थी।
पुलिस की प्रभावी पैरवी से दोष सिद्ध
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य संकलित किए और गवाहों के बयान दर्ज किए। इसके बाद 29 मार्च 2024 को आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत थाना अकबरपुर पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन पक्ष और मॉनिटरिंग सेल ने मामले में प्रभावी पैरवी की।
न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन कन्विक्शन का उद्देश्य आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाना, पीड़ितों को न्याय सुनिश्चित कराना और अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।