संवाददाता
कानपुर देहात
थाना गजनेर पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते #OperationConviction के तहत दहेज प्रताड़ना एवं आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में तीन अभियुक्तों को माननीय न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध करते हुए कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया है।
दिनांक 25 नवंबर 2009 को अभियुक्त धीरेन्द्र सिंह पुत्र स्व. इन्द्रपाल सिंह, निवासी ग्राम जाफराबाद, थाना गजनेर, जनपद कानपुर देहात, गुड्डी देवी पत्नी राम सिंह, निवासी ग्राम नुनारी, थाना डेरापुर तथा रेनू देवी पत्नी देवेन्द्र सिंह, निवासी ग्राम अमौली ठकुरान, थाना डेरापुर द्वारा वादी की पुत्री को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया गया था। प्रताड़ना से परेशान होकर वादी की पुत्री द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली गई थी।
घटना के संबंध में थाना गजनेर पर मु0अ0सं0 361/09, धारा 498ए/306 भादवि के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था।
पुलिस की प्रभावी पैरवी
विवेचक द्वारा गुणवत्ता पूर्ण विवेचना करते हुए साक्ष्यों का संकलन किया गया तथा नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध दिनांक 28 मार्च 2011 को आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रेषित किया गया। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया।
#OperationConviction अभियान के तहत थाना गजनेर पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन एवं मॉनिटरिंग सेल द्वारा मामले में लगातार प्रभावी पैरवी की गई और गवाहों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कराकर अभियुक्तों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई।
न्यायालय का निर्णय
माननीय एडीजे-03/डकैती कोर्ट, जनपद कानपुर देहात द्वारा 20 अगस्त 2026 को तीनों अभियुक्तों को दोषसिद्ध करते हुए—
- धीरेन्द्र सिंह को 07 वर्ष के कारावास एवं ₹27,000 के अर्थदंड से दंडित किया गया।
- गुड्डी देवी को 03 वर्ष के कारावास एवं ₹7,000 के अर्थदंड से दंडित किया गया।
- रेनू देवी को 03 वर्ष के कारावास एवं ₹7,000 के अर्थदंड से दंडित किया गया।
अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में धीरेन्द्र सिंह को 01 वर्ष का अतिरिक्त कारावास, जबकि गुड्डी देवी एवं रेनू देवी को 06-06 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस द्वारा बताया गया कि #OperationConviction के माध्यम से पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने एवं अपराधियों को प्रभावी सजा दिलाने के लिए लगातार प्रभावी पैरवी की जा रही है। न्यायालय का यह निर्णय अपराधों पर अंकुश लगाने तथा कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।