डीएम ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका इंटर कॉलेज पिंडारी का किया औचक निरीक्षण

छात्राओं से संवाद कर परखी शैक्षिक गुणवत्ता, गणित व अंग्रेजी पढ़ाकर लिया शिक्षण स्तर का जायजा

संवाददाता | उरई/जालौन

उरई/जालौन। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बुधवार को उच्चीकृत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका इंटर कॉलेज, पिंडारी का औचक निरीक्षण कर विद्यालय में संचालित शैक्षिक, आवासीय, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं खान-पान व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं से सीधे संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई, विषयों की समझ और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

जिलाधिकारी ने कक्षा-कक्षों में पहुंचकर छात्राओं के पठन-पाठन के स्तर को परखा। उन्होंने स्वयं गणित एवं अंग्रेजी विषय पढ़ाकर छात्राओं की शैक्षिक दक्षता और विषयों की समझ का आकलन किया। उन्होंने छात्राओं से विभिन्न प्रश्न पूछे और उनके उत्तरों के माध्यम से शिक्षण स्तर की जानकारी ली।

इस दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं को नियमित रूप से अध्ययन करने, कठिन विषयों को समझने के लिए शिक्षकों से संवाद करने तथा अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।

शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास पर जोर

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा एवं उनके सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। विद्यालयों में केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए, बल्कि छात्राओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, स्वास्थ्य जागरूकता, नेतृत्व क्षमता एवं जीवन कौशल का विकास भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उन्होंने विद्यालय प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ ऐसा वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जहां वे सुरक्षित महसूस करें और अपनी प्रतिभा एवं क्षमता को विकसित कर सकें।

नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय में उपलब्ध स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय इंटर कॉलेजों में नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए जाएं।

उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालयों में रहने वाली छात्राओं के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी बेहद जरूरी है। किसी भी छात्रा में स्वास्थ्य संबंधी समस्या पाए जाने पर तत्काल आवश्यक उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाए। छात्राओं को स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक किया जाए।

रसोई का निरीक्षण कर परखी भोजन की गुणवत्ता

जिलाधिकारी ने विद्यालय की रसोई का निरीक्षण कर छात्राओं के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता का जायजा लिया। उन्होंने भोजन तैयार करने की प्रक्रिया, रसोई परिसर की साफ-सफाई तथा छात्राओं को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन के संबंध में जानकारी ली।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए कि छात्राओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप पौष्टिक, गुणवत्तापूर्ण एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाए। भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।

जिलाधिकारी ने रसोई एवं भोजन व्यवस्था की नियमित निगरानी करने तथा छात्राओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

ओपन जिम का भी किया निरीक्षण

जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर में छात्राओं के लिए स्थापित ओपन जिम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने उपलब्ध उपकरणों एवं उनकी स्थिति की जानकारी ली तथा छात्राओं को नियमित व्यायाम एवं शारीरिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का विकास होता है। छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ प्रतिदिन व्यायाम एवं खेलकूद को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। शारीरिक गतिविधियों से स्वास्थ्य बेहतर रहने के साथ-साथ एकाग्रता और आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है।

विद्यालय की व्यवस्थाओं को बेहतर रखने के निर्देश

जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर का समग्र निरीक्षण करते हुए छात्रावास, कक्षाओं, स्वच्छता, भोजन, स्वास्थ्य एवं खेलकूद सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया कि छात्राओं को किसी भी स्तर पर असुविधा नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि विद्यालय में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण, सुरक्षा एवं खेलकूद से संबंधित सभी व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से संचालित की जाएं। छात्राओं की आवश्यकताओं एवं समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने शिक्षिकाओं एवं संबंधित कर्मचारियों से भी कहा कि छात्राओं के साथ नियमित संवाद बनाए रखें और उनकी शैक्षिक एवं व्यक्तिगत आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान दें। छात्राओं को प्रोत्साहित किया जाए कि वे अपनी प्रतिभा को पहचानें और भविष्य के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में निरंतर प्रयास करती रहें।

औचक निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी अभिनव यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चौधरी सहित संबंधित अधिकारी एवं विद्यालय की अध्यापिकाएं मौजूद रहीं।

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