डीएम-एसपी ने कुठौंद में व्यवस्थाओं का लिया जायजा, मरीजों और पशुपालकों को बेहतर सेवाएं देने के निर्देश

पीएचसी में 249 मरीजों का पंजीकरण, दवाओं की उपलब्धता संतोषजनक; आईजीआरएस में एक भी प्रकरण डिफॉल्टर नहीं

संवाददाता
उरई/जालौन

जालौन, 23 अगस्त 2026। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने शनिवार को विकासखंड कुठौंद क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न सरकारी संस्थानों का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुठौंद, राजकीय पशु चिकित्सालय एवं कृत्रिम गर्भाधान केंद्र तथा विकासखंड कार्यालय का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आमजन को बेहतर, सुगम एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं, औषधियों की उपलब्धता, मरीजों के पंजीकरण, जांच व्यवस्था, प्रसव सेवाओं, पशु चिकित्सा सेवाओं तथा आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की।

पीएचसी कुठौंद में 249 मरीजों का हुआ पंजीकरण

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुठौंद के निरीक्षण के दौरान पंजीकरण काउंटर पर उस समय तक 249 मरीजों का पंजीकरण पाया गया। जिलाधिकारी ने पंजीकरण व्यवस्था का जायजा लिया, जो संतोषजनक पाई गई। इसके बाद उन्होंने औषधि वितरण काउंटर का निरीक्षण करते हुए मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही दवाओं की जानकारी ली।

निरीक्षण में पाया गया कि चिकित्सकों द्वारा लिखे गए पर्चे के अनुसार मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से स्नेक बाइट एवं रेबीज से संबंधित आवश्यक दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली, जो पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध मिलीं।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जीवनरक्षक एवं आवश्यक औषधियों को निर्धारित तापमान पर सुरक्षित रखा जाए तथा उनकी उपलब्धता, गुणवत्ता एवं वैधता की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को समय से आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

जांच रिपोर्ट समय से उपलब्ध कराने के निर्देश

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रयोगशाला के निरीक्षण के दौरान मरीजों के सैंपल लिए जाने तथा संबंधित रजिस्टर का व्यवस्थित रख-रखाव पाया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मरीजों की जांच से संबंधित सभी अभिलेख नियमित रूप से अपडेट रखे जाएं तथा जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट समय से मरीजों को उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने प्रसव कक्ष का भी निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रसव सेवाओं के लिए कक्ष में आवश्यक उपकरण, दवाएं एवं अन्य जरूरी संसाधन हमेशा उपलब्ध रहें। उन्होंने विशेष रूप से रात्रिकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की कमी न रहने देने के निर्देश दिए।

पशुपालकों को योजनाओं की जानकारी देने पर जोर

इसके बाद जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने राजकीय पशु चिकित्सालय एवं कृत्रिम गर्भाधान केंद्र कुठौंद का निरीक्षण किया। पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दिन छह पशुओं का उपचार किया गया था। औषधियों के स्टॉक का रजिस्टर से मिलान किए जाने पर व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पशुओं का उपचार कराने वाले पशुपालकों के नाम, पते एवं मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे आवश्यकता पड़ने पर पशुपालकों से संपर्क करने के साथ ही उन्हें विभागीय योजनाओं एवं पशुपालन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

कृत्रिम गर्भाधान एवं सेक्स-सॉर्टेड सीमन के उपयोग की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आंकड़ों को नियमित रूप से अपडेट रखने तथा पशुपालकों को इस सुविधा के लाभों के बारे में जागरूक कर इसके अधिकाधिक उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पशुओं में मौसमी बीमारियों की रोकथाम के निर्देश

वर्षा ऋतु को देखते हुए जिलाधिकारी ने पशुओं में होने वाली संक्रामक एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा आवश्यकतानुसार विशेष टीकाकरण अभियान संचालित करने को कहा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पशुपालकों को समय रहते पशुओं के स्वास्थ्य, टीकाकरण एवं बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि मौसमी बीमारियों के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।

आईजीआरएस में कोई प्रकरण डिफॉल्टर नहीं

इसके पश्चात दोनों अधिकारियों ने विकासखंड कुठौंद कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान आईजीआरएस पटल की स्थिति की समीक्षा की गई। कंप्यूटर पर लंबित प्रकरणों की स्थिति का अवलोकन करने पर कोई भी प्रकरण डिफॉल्टर श्रेणी में नहीं पाया गया, जिसे जिलाधिकारी ने संतोषजनक माना।

निरीक्षण के दौरान कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा लगभग छह माह से मानदेय लंबित होने की जानकारी जिलाधिकारी को दी गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को प्रकरण की जांच कर नियमानुसार लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

अभिलेखों के बेहतर रख-रखाव की सराहना

स्थापना पटल के निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की जीपीएफ पासबुक एवं संबंधित अभिलेखों का अवलोकन किया गया। अभिलेख अद्यतन, व्यवस्थित एवं अच्छी स्थिति में पाए गए।

जिलाधिकारी ने अभिलेखों के बेहतर रख-रखाव के लिए संबंधित कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को उत्कृष्ट कार्य के लिए संबंधित कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र प्रदान किए जाने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी कार्यालयों एवं संस्थानों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें।

पुलिस अधीक्षक ने भी दिए आवश्यक निर्देश

पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने भी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशील एवं तत्पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस एवं प्रशासन का उद्देश्य जनता को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय से पहुंचाया जाए तथा आमजन की शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी कुठौंद अरुण कुमार सिंह, एडीओ पंचायत बृजेन्द्र कुमार त्रिपाठी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार तिवारी, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रवि कुमार तिवारी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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