कॉमनवेल्थ गेम्स मेडलिस्ट से मिलकर पीएम मोदी ने खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला
एजेंसी
नई दिल्ली।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलीट्स के शानदार और ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद देशभर में खिलाड़ियों की उपलब्धियों की चर्चा हो रही है। खेल के मैदान पर अपना तिरंगा लहराकर लौटे भारतीय दल का स्वागत बेहद खास अंदाज में हुआ। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से अपने आवास पर मुलाकात की और उन्हें शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि देश के लिए पदक जीतना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत, लगन, अनुशासन और संघर्ष की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं और आने वाले समय में भारत खेलों की दुनिया में और मजबूत पहचान बनाएगा।
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के साथ बिताए यादगार पलों की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किए। प्रधानमंत्री के आधिकारिक ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट से साझा किए गए वीडियो में भारतीय खिलाड़ियों का उत्साह और खुशी साफ दिखाई दी। वीडियो की शुरुआत महिला खिलाड़ियों के 51 किलोग्राम भार वर्ग में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाली स्टार मुक्केबाज के साथ होती है। इसके बाद अन्य खिलाड़ियों के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत और मुलाकात के दृश्य दिखाई देते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान उनकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि देश को अपने खिलाड़ियों पर गर्व है। उन्होंने खिलाड़ियों के कठिन परिश्रम और समर्पण की प्रशंसा की और कहा कि खेल के क्षेत्र में भारत लगातार नई ऊंचाइयां हासिल कर रहा है।
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय दल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया। भारतीय खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन किया और कई पदक अपने नाम किए। विशेष रूप से मुक्केबाजी के रिंग में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा।
भारतीय खिलाड़ियों ने कई मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज करते हुए पदक हासिल किए। उनके प्रदर्शन ने न केवल देशवासियों को गौरवान्वित किया, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का काम किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि भारत में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यदि खिलाड़ियों को उचित सुविधाएं, प्रशिक्षण और अवसर मिलें तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
मेडल टैली में भारत की धमक
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय दल ने कुल 39 पदक जीतकर दुनिया भर में अपनी खेल क्षमता का लोहा मनवाया। भारत के खाते में 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल आए। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत मेडल टैली में चौथे स्थान पर रहा।
भारतीय दल के कुल 39 पदकों में पुरुष और महिला एथलीट्स दोनों का उल्लेखनीय योगदान रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाते हुए 23 पदकों के नाम फाइनल में स्थान बनाया, जिनमें 5 स्वर्ण, 13 रजत और 5 कांस्य पदक शामिल रहे।
महिला खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा और कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। महिला एथलीट्स ने कुल 16 पदक अपने नाम किए, जिनमें 8 स्वर्ण, 4 रजत और 4 कांस्य पदक शामिल रहे। स्वर्ण पदक जीतने के मामलों में महिला खिलाड़ियों का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।
भारतीय खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन से देशभर में खेलों को लेकर उत्साह बढ़ा है। खेल प्रेमियों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों की लगातार बेहतर होती स्थिति आने वाले वर्षों में देश के लिए और बड़ी उपलब्धियों का संकेत है।
बॉक्सिंग रिंग में 100 प्रतिशत सफलता
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र रहा। रिंग में उतरे भारत के सभी 10 मुक्केबाजों ने पदक जीतकर इतिहास रच दिया। भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 गोल्ड और 3 सिल्वर मेडल अपने नाम किए।
बॉक्सिंग में भारतीय दल की 100 प्रतिशत सफलता ने देशवासियों का उत्साह और बढ़ा दिया। सभी भारतीय मुक्केबाज पदक जीतने में सफल रहे। इस शानदार प्रदर्शन ने भारत की मेडल टैली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारतीय मुक्केबाजों ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान आत्मविश्वास और शानदार तकनीक का प्रदर्शन किया। मुकाबलों में उनकी आक्रामकता, धैर्य और रणनीति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि को भारतीय बॉक्सिंग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के साथ साझा की खुशी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान उनके अनुभव भी सुने। उन्होंने खिलाड़ियों के संघर्ष और मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ी करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलों में सफलता हासिल करने के लिए प्रतिभा के साथ-साथ अनुशासन, निरंतर अभ्यास और मजबूत इच्छाशक्ति की जरूरत होती है। भारतीय खिलाड़ियों ने इन सभी गुणों का परिचय देते हुए देश का गौरव बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि देश के युवा खेलों को अपने करियर के रूप में अपनाएं और पूरी मेहनत के साथ आगे बढ़ें। सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
‘जो खेलेगा, वो खिलेगा’ का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए ‘जो खेलेगा, वो खिलेगा… ओलंपिक चियर फॉर भारत’ का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इससे युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना भी विकसित होती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को खेलों की महाशक्ति बनाने के लिए देश के हर हिस्से से प्रतिभाओं को सामने लाना जरूरी है। ग्रामीण और छोटे शहरों में रहने वाले प्रतिभाशाली युवाओं को भी बेहतर अवसर और सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
उन्होंने कहा कि देश में खेलों के प्रति वातावरण लगातार बदल रहा है। अब अभिभावक भी बच्चों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। इससे भारत की खेल प्रतिभाओं को नई दिशा मिल रही है।
‘भारत माता की जय’ से गूंजा माहौल
प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के साथ देश के खेल और युवा शक्ति से जुड़े विषयों पर चर्चा की। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष से पूरा माहौल देशभक्ति और गर्व की भावना से भर गया।
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता केवल खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि पूरे देश की सफलता है। जब भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराते हैं और राष्ट्रगान की धुन बजती है, तो करोड़ों भारतीयों का सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है।
एथलीट्स और पैरा एथलीट्स ने भी बनाए रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के एथलीट्स, पैरा एथलीट्स और विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार नए रिकॉर्ड बनाए हैं। उन्होंने कहा कि खेलों में भारत का प्रदर्शन अब पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुआ है।
उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देशवासियों को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय खिलाड़ी आने वाले समय में ओलंपिक सहित दुनिया की प्रमुख खेल प्रतियोगिताओं में भी देश के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे।
खिलाड़ियों की सफलता से युवाओं में बढ़ेगा खेलों के प्रति रुझान
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता से देश के युवाओं में खेलों के प्रति रुचि और बढ़ने की उम्मीद है। खिलाड़ियों की उपलब्धियां युवा पीढ़ी को यह संदेश देती हैं कि मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की जा सकती है।
प्रधानमंत्री ने भी खिलाड़ियों से कहा कि वे अपनी सफलता को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि न मानें, बल्कि देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बनें। उन्होंने खिलाड़ियों से अपने अनुभव नई पीढ़ी के साथ साझा करने और उन्हें खेलों के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
भारत के खेल भविष्य के लिए अहम उपलब्धि
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 39 पदकों के साथ भारत का प्रदर्शन देश के खेल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुक्केबाजी में सभी 10 खिलाड़ियों का पदक जीतना और कुल 7 स्वर्ण पदक हासिल करना भारतीय बॉक्सिंग की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री के साथ खिलाड़ियों की मुलाकात ने इस सफलता को और खास बना दिया। खिलाड़ियों ने प्रधानमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए, वहीं प्रधानमंत्री ने उनके शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनका हौसला बढ़ाया।
भारतीय खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल सही अवसर, बेहतर प्रशिक्षण और निरंतर प्रोत्साहन की है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय दल की उपलब्धियां आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए नई प्रेरणा बनकर सामने आई हैं।