संवाददाता | कानपुर देहात
जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट स्थित माँ मुक्तेश्वरी देवी सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग की जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न शैक्षिक योजनाओं, विद्यालयों की व्यवस्थाओं तथा शिक्षा की गुणवत्ता की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्कूल चलो अभियान की प्रगति का आकलन करते हुए निर्देश दिए कि जनपद के प्रत्येक पात्र बच्चे का विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर विशेष अभियान चलाकर उन्हें पुनः विद्यालयों से जोड़ने तथा ग्राम स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अभिभावकों को बच्चों की नियमित उपस्थिति के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
जिलाधिकारी ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में निर्धारित समय पर धनराशि भेजी जाए। साथ ही सभी विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि केवल नामांकन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है। सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विद्यालयों में नियमित एवं प्रभावी शिक्षण कार्य, कक्षा आधारित गतिविधियां, नवाचारी शिक्षण पद्धतियां, सतत मूल्यांकन तथा एफएलएन (Foundational Literacy and Numeracy) कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करें। साथ ही शिक्षक समय पर विद्यालय पहुंचकर निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार पठन-पाठन कराएं।
बैठक में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था वाले विद्यालयों में नियमित रूप से डिजिटल शिक्षण संचालित करने, विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का लगातार मूल्यांकन करने तथा कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जर्जर भवनों में कक्षाओं का संचालन तत्काल बंद कराने तथा विद्यालय परिसरों के निकट या ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनों को प्राथमिकता के आधार पर स्थानांतरित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा सभी विकास खण्डों में नवीन आवासीय बालिका विद्यालयों की स्थापना के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में अपर आईडी, यू-डायस, मध्यान्ह भोजन योजना, छात्र उपस्थिति, विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य संपादित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष पाण्डेय, उपजिलाधिकारीगण, जिला पंचायत राज अधिकारी विकास पटेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी, समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।