जालौन में 50 से 75 प्रतिशत अनुदान पर मिलेंगे कृषि रक्षा रसायन, किसानों को मिलेगी राहत

नौ कृषि रक्षा इकाइयों पर कीटनाशक, जैव कीटनाशक और यांत्रिक उपकरण उपलब्ध, व्हाट्सएप पर मिलेगा कीट-रोगों का निःशुल्क समाधान

संवाददाता
उरई/जालौन।

रबी फसलों को कीटों और रोगों से बचाने के लिए जनपद जालौन में किसानों को अनुदान पर कृषि रक्षा रसायन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि जनपद के विकासखंड स्तर पर संचालित नौ कृषि रक्षा इकाइयों में पर्याप्त मात्रा में कृषि रक्षा रसायन उपलब्ध हैं। किसानों को इनका वितरण नियमानुसार किया जा रहा है, जिससे वे कम लागत में अपनी फसलों की सुरक्षा कर सकें।

उन्होंने बताया कि कृषि रक्षा रसायनों पर 50 प्रतिशत तथा जैव कीटनाशकों और यांत्रिक प्रपंचों पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार किसी भी कार्यदिवस में संबंधित कृषि रक्षा इकाई पर पहुंचकर अनुदान पर सामग्री प्राप्त कर सकते हैं।

कीट, रोग और खरपतवार नियंत्रण के लिए मिलेंगे रसायन

कृषि रक्षा इकाइयों पर कीट नियंत्रण के लिए कारटाप हाइड्रोक्लोराइड, क्लोरेन्ट्रानिलिप्रोल, इमामेक्टिन बेंजोएट, फिप्रोनिल, क्लोरोपाइरीफास और इमिडाक्लोप्रिड सहित विभिन्न कीटनाशक उपलब्ध हैं। वहीं, फसलों में रोगों की रोकथाम के लिए कार्बेन्डाजिम, मैंकोजेब, सल्फर और थायोफिनेट मिथाइल सहित अन्य कृषि रक्षा रसायन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा खरपतवार नियंत्रण के लिए भी विभिन्न रसायन किसानों को मिल सकेंगे।

जैव कीटनाशक और यांत्रिक उपकरणों पर भी अनुदान

जैविक तरीके से कीट नियंत्रण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को ट्राइकोडर्मा और ब्यूवेरिया बेसियाना जैसे जैव कीटनाशक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही कीटों की निगरानी और नियंत्रण के लिए सोलर लाइट ट्रैप, यलो स्टीकी ट्रैप, फेरोमोन ट्रैप और हेलिकोवर्पा ल्यूर भी अनुदान पर दिए जा रहे हैं। इन उपकरणों की मदद से किसान फसलों में कीटों की निगरानी और उनके नियंत्रण के उपाय कर सकते हैं।

व्हाट्सएप पर भेजें फसल में कीट-रोग की समस्या

जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने किसानों से अपील की कि फसलों में कीट या रोग दिखाई देने पर समय रहते उचित नियंत्रण उपाय अपनाएं। समस्या के निःशुल्क समाधान और तकनीकी सलाह के लिए किसान कृषि रक्षा विभाग के व्हाट्सएप नंबर 9452247111 और 9452257111 पर अपनी समस्या भेज सकते हैं। विभाग की ओर से किसानों को फसल में लगे कीटों और रोगों की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक तकनीकी सलाह उपलब्ध कराई जाएगी।

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