जल संरक्षण का संकल्प: तीन गांवों में हुआ ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम

313 ग्राम पंचायतों के 472 राजस्व ग्रामों में हो चुका आयोजन, 31 अक्टूबर तक शेष गांवों में कार्यक्रम पूरा कराने का लक्ष्य

संवाददाता
कानपुर देहात

कानपुर देहात। जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल, जल संरक्षण और पानी के सदुपयोग को लेकर जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है। महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को विकासखंड मैथा के बलूआपुर और बाघपुर तथा झींझक के जुरिया गांव में ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही जल संरक्षण, पानी के विवेकपूर्ण उपयोग और पेयजल योजनाओं के सफल संचालन में ग्रामीणों की भागीदारी के महत्व पर जोर दिया गया। ग्रामीणों ने जल संरक्षण और पेयजल के सदुपयोग का संकल्प भी लिया।

अधिकारियों के अनुसार जिले में अब तक 313 ग्राम पंचायतों के 472 सम्मिलित राजस्व ग्रामों में ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। शेष ग्रामों में कार्यक्रम 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

पानी की गुणवत्ता पर भी निगरानी

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को सुबह-शाम जलापूर्ति के निर्धारित रोस्टर की जानकारी देने के साथ पेयजल की गुणवत्ता जांच की व्यवस्था के बारे में भी बताया गया। अधिकारियों ने बताया कि जल सखियों द्वारा एफटीके (FTK) किट तथा जनपद स्तरीय जल परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से जल नमूनों की नियमित जांच की जा रही है।

ग्रामीणों से अपील की गई कि पानी की बर्बादी न करें, नलों को अनावश्यक रूप से खुला न छोड़ें और पाइपलाइन समेत पेयजल से जुड़ी परिसंपत्तियों को नुकसान न पहुंचाएं। किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित अधिकारी, कर्मचारी अथवा ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को सूचना देने के लिए कहा गया।

कार्यक्रम में ग्राम प्रधान, पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामीणजन, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि, टीपीआई प्रतिनिधि तथा जल जीवन मिशन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) की ओर से जल संरक्षण और सुरक्षित पेयजल को लेकर जनजागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है।

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