डेयरी विकास एवं वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा देने पर जोर, किसानों और पशुपालकों को दी गई आधुनिक तकनीकों की जानकारी
संवाददाता | कानपुर देहात
दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को विकास भवन सभागार, कानपुर देहात में जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी कपिल सिंह ने की, जबकि मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे। दुग्धशाला विकास विभाग एवं पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कॉन्क्लेव में बड़ी संख्या में कृषकों, पशुपालकों, डेयरी विशेषज्ञों, कृषि वैज्ञानिकों, बैंक प्रतिनिधियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य जनपद में डेयरी विकास को प्रोत्साहित करना, वैज्ञानिक एवं आधुनिक पशुपालन तकनीकों का प्रचार-प्रसार करना तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित किसानों एवं पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय की संभावनाओं और आधुनिक तकनीकों से परिचित कराया गया।
इस अवसर पर दुग्धशाला विकास विभाग की दुग्ध आयुक्त एवं मिशन निदेशक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी तथा कृषि वैज्ञानिकों ने पशुपालकों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक पशुपालन की उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने उन्नत नस्ल के पशुओं का पालन, संतुलित पशु आहार, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, नियमित टीकाकरण, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन, डेयरी प्रबंधन, पशुओं की देखभाल तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही किसानों को पशुपालन को कृषि के साथ जोड़कर अतिरिक्त आय अर्जित करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में नोडल अधिकारी एवं वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक ने नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए पात्र पशुपालकों से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि सरकार पशुपालकों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से अनेक योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लाभ लेकर ग्रामीण क्षेत्र के लोग स्वरोजगार स्थापित कर सकते हैं।
कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री स्वदेशी गौसंवर्धन योजना वर्ष 2026-27 के अंतर्गत लॉटरी प्रक्रिया से चयनित 28 लाभार्थियों (14 महिला एवं 14 पुरुष) को जिलाधिकारी कपिल सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने चयन एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए। चयन पत्र प्राप्त करने वाले लाभार्थियों ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए योजना का लाभ लेकर डेयरी व्यवसाय को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि पशुपालन किसानों की आय बढ़ाने का एक सशक्त और टिकाऊ माध्यम है। यदि किसान आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर डेयरी व्यवसाय करें, तो उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों और पशुपालकों की आय दोगुनी करने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अनेक महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पशुपालन एवं डेयरी विकास से जुड़ी सभी योजनाओं का पारदर्शी, प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे जनपद में डेयरी विकास को नई गति मिले, रोजगार के अवसर बढ़ें तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके।
कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी सुनील तिवारी, उप कृषि निदेशक हरीशंकर भार्गव, जिला कृषि अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, दुग्धशाला विकास विभाग के अधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक इंडियन बैंक, अग्रणी जिला प्रबंधक बैंक ऑफ बड़ौदा, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, विभिन्न विभागों के अधिकारी, बड़ी संख्या में कृषक, पशुपालक एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन किसानों एवं पशुपालकों को वैज्ञानिक पशुपालन अपनाने, शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने तथा डेयरी व्यवसाय के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं समृद्ध ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण का संकल्प दिलाते हुए किया गया।