कौशल विकास का बड़ा कदम: प्रदेश में 3,288 उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय ‘कौशल केंद्र’ के रूप में होंगे विकसित

लखनऊ, 21 नवंबर 2025। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को कौशल सीखने के लिए एक बड़ा कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत वर्तमान सत्र 2025-26 में 3,288 उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों को ‘कौशल केंद्र’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इन केंद्रों से कक्षा छह से आठ तक के हजारों छात्रों को लाभ मिलेगा।

🔬 60 से अधिक छात्र वाले विद्यालयों में बनेगी लैब

इस पहल के तहत कौशल केंद्रों में लैब (Lab) स्थापित की जाएगी।

  • चयन: लैब की स्थापना उन विद्यालयों में की जाएगी, जहाँ कक्षा छह से आठ तक 60 से अधिक छात्र और तीन से अधिक शिक्षक तैनात हों।

  • उद्देश्य: लैब का सही संचालन सुनिश्चित करने के लिए लैब इनचार्ज के माध्यम से छात्रों को कृषि, बागवानी, नर्सरी, ऊर्जा व पर्यावरण, स्वास्थ्य व घरेलू कामकाज से जुड़ी कौशल गतिविधियाँ सिखाई जाएँगी।

  • प्रैक्टिकल और मेला: पढ़ाई के अतिरिक्त यह क्लास होना अनिवार्य होगा। हर दो दिन में एक घंटे के लिए प्रैक्टिकल गतिविधियाँ कराई जाएंगी और वर्ष में दो बार मेला भी लगाया जाएगा।

👨‍🏫 तकनीकी अनुदेशकों की तैनाती

महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि इन विद्यालयों में प्रशिक्षित शिक्षक व तकनीकी अनुदेशक कक्षा छह से आठ तक के सभी बच्चों को सिखाएंगे।

  • छात्र संख्या: एक बैच में 20 से ज्यादा बच्चे नहीं शामिल किए जाएंगे।

  • उपस्थिति: अनुदेशकों की उपस्थिति विद्यालय की शिक्षक उपस्थिति पंजिका में दर्ज की जाएगी।

  • भर्ती: तकनीकी अनुदेशक लॉयड बैंक की गतिविधियों का मासिक कैलेंडर बनाकर चयनित किए जाएँगे और इनको शासन के निर्देश के अनुसार 11 महीने का मानदेय दिया जाएगा।

📈 पिछले सत्र में 2,274 विद्यालयों को मिला लाभ

महानिदेशक ने निर्देश दिया कि इन चयनित विद्यालयों में तकनीकी अनुदेशकों की तैनाती नियमानुसार उनके घर के पास के विद्यालय में की जाएगी।

  • एनईपी 2020 के तहत: पिछले सत्र 2024-25 में पहले से 2,274 उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों में यह लैब स्थापित की गई है। यहां पर इन चार ट्रेडों में 155 प्रकार के टूल्स, सामग्री व अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।

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