संवाददाता | लखनऊ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा है कि अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने मंदिर निर्माण कार्यों, विकास परियोजनाओं और जनहित से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और कानून का राज स्थापित करना है। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मंदिर निर्माण कार्यों और अन्य विकास परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा में पूरे होने चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि जनता की सुरक्षा और विश्वास सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इसलिए सभी अधिकारी पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा किसी भी शिकायत का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। यदि किसी जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से जनहित के मामलों में संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने का भी आह्वान किया।