मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 964 जोड़ों ने लिए सात फेरे — जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने दिया आशीर्वाद

जनपद जालौन | दिनांक : 06 नवम्बर 2025
सूचना विभाग प्रकाशनार्थ

जनपद जालौन के नवीन गल्ला मंडी, कालपी रोड उरई में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 964 जोड़ों का विवाह हर्षोल्लास एवं सामाजिक सौहार्द के वातावरण में सम्पन्न हुआ।

समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जल शक्ति मंत्री के प्रतिनिधि अरविंद चौहान, एमएलसी शिक्षक प्रतिनिधि मयंक त्रिपाठी, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

सभी ने नवविवाहित जोड़ों को विवाह प्रमाणपत्र वितरित किए और उनके मंगलमय जीवन की शुभकामनाएँ दीं।

जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना समाज के अंतिम छोर तक पहुँचने वाली लोकहितकारी योजना है, जो गरीब परिवारों को न केवल आर्थिक सहयोग प्रदान करती है, बल्कि समाज में समरसता और सद्भाव का सशक्त संदेश देती है।

विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में समानता, सहयोग और सौहार्द को मजबूत करते हैं।

सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने योजना को गरीब परिवारों के लिए वरदान बताते हुए कहा कि इससे बेटियों के सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है।

माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन ने कहा कि इस योजना ने गरीब परिवारों की विवाह संबंधी आर्थिक चिंता समाप्त कर दी है। सभी धर्मों और समुदायों की परंपराओं का सम्मान करते हुए विवाह सम्पन्न कराना सामाजिक एकता का प्रतीक है।

कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ने सामाजिक समानता और एकता की भावना को सशक्त किया है।

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग प्रदान किया जाता है।
उन्होंने जानकारी दी कि अब योजना की सहायता राशि ₹51,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 प्रति जोड़ा कर दी गई है —

  • ₹60,000 कन्या के खाते में डीबीटी के माध्यम से,

  • ₹25,000 विवाह सामग्री (वस्त्र, बर्तन, फर्नीचर आदि) पर,

  • ₹15,000 विवाह आयोजन (टेंट, भोजन आदि) पर व्यय किए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि समाज में सामाजिक एकता और सहयोग की भावना को भी सुदृढ़ कर रही है।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सभी ने नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएँ दीं और उनके सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन की कामना की।

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