जिलाधिकारी ने किया महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण

मरीजों से लिया प्रत्यक्ष फीडबैक, कन्या सुमंगला योजना और जननी सुरक्षा के लंबित मामलों पर कड़े निर्देश

संवाददाता (उरई/जालौन)

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने आज जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।

मरीजों से सीधा संवाद और फीडबैक

  • प्रत्यक्ष फीडबैक: निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधा संवाद किया और उपचार सुविधाओं के बारे में प्रत्यक्ष फीडबैक प्राप्त किया।

  • अवैध वसूली: जिलाधिकारी ने पूछा कि क्या इलाज के नाम पर किसी प्रकार की अवैध वसूली की गई या बाहर की दवाइयाँ लिखी गईं।

  • सकारात्मक जवाब: मरीजों ने बताया कि उनसे किसी भी प्रकार का पैसा नहीं लिया गया और बाहर से दवाइयां भी नहीं लिखी गईं। उपचार अस्पताल के भीतर ही किया गया है।

योजनाओं की समीक्षा और निर्देश

  1. मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना:

    • जिलाधिकारी ने जच्चा-बच्चा वार्ड पहुँचकर बीते 24 घंटे में जन्मी 12 बच्चियों के परिजनों को शुभकामनाएँ दीं।

    • उन्होंने निर्देश दिया कि सभी नवजात कन्याओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए।

    • संबंधित अधिकारियों को फॉर्म तुरंत भरवाकर लाभ समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  2. जननी सुरक्षा योजना:

    • योजना की समीक्षा में लगभग 1500 आवेदन लंबित पाए गए।

    • इस पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को कड़े शब्दों में निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रपत्रों का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए।

अस्पताल इकाइयों का निरीक्षण

जिलाधिकारी ने लैब, पैथोलॉजी, पर्चा काउंटर, पंजीकरण कक्ष सहित अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों का भी निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के दिशा-निर्देश दिए।

निष्कर्ष

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी, प्रभावी और मरीजों के प्रति संवेदनशील बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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