संवाददाता | कानपुर देहात
जिला समाज कल्याण अधिकारी गीता सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के तहत राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना सहित अन्य योजनाओं में आयु सत्यापन के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब आधार कार्ड को जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में अमान्य घोषित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि पहले आधार कार्ड के माध्यम से आवेदकों की आयु निर्धारित की जाती थी, लेकिन नए शासनादेश के अनुसार अब इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
क्या हैं नए नियम?
आवेदकों को अब आयु प्रमाण के लिए वैकल्पिक दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं—
- शहरी क्षेत्र के लिए:
कुटुम्ब रजिस्टर, फैमिली आईडी या शैक्षिक प्रमाण पत्र (जिसमें जन्म तिथि अंकित हो) - ग्रामीण क्षेत्र के लिए:
परिवार/कुटुम्ब रजिस्टर की प्रमाणित प्रति या शैक्षिक प्रमाण पत्र (जन्म तिथि सहित)
इन दस्तावेजों को समाज कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://sspy-up.gov.in/ पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
यह नियम सभी नए आवेदकों के साथ-साथ उन आवेदकों पर भी लागू होगा, जिनके आवेदन अभी तक लंबित हैं।
इसके अलावा, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के अंतर्गत भी अब आधार कार्ड के स्थान पर उपरोक्त दस्तावेजों को https://nfbs.upsdc.gov.in/ पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी कर दिया गया है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि अधिक जानकारी के लिए संबंधित उपजिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी या जिला समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।