उरई/जालौन। जालौन जिले में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत प्रत्येक विकास खंड के 10-10 गांवों में विशेष चौपाल आयोजित की जाएंगी।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे पात्र लाभार्थियों की पहचान करना है जो अब तक विभिन्न सरकारी योजनाओं से वंचित रह गए हैं, और उन्हें एक माह के भीतर सभी योजनाओं से आच्छादित (संतृप्त) करना है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शासन की मंशा के अनुरूप “हर पात्र तक लाभ” पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चौपालों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें, ताकि मौके पर ही पात्रता का सत्यापन कर लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिया जा सके। इन चौपालों में प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, राशन कार्ड, पेंशन योजनाएं, किसान सम्मान निधि तथा श्रम विभाग की योजनाओं सहित सभी प्रमुख योजनाएं शामिल की गई हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रत्येक चौपाल की पूर्व सूचना ग्राम स्तर पर व्यापक रूप से प्रसारित की जाए, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीण इसमें भाग ले सकें। साथ ही, चौपालों में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने और इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
जनपद के सभी विकास खंडों में चिन्हित गांवों में चौपाल आयोजित करने की तिथियां निर्धारित कर दी गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रत्येक चयनित गांव में अपराह्न 3 बजे से चौपाल आयोजित की जाएगी, जिससे अभियान को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इस अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इसे सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे आमजन को सीधे लाभ मिलेगा।