संवाददाता | उरई/जालौन
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने अपने कैंप कार्यालय से जनपद में संचालित गेहूं क्रय केंद्रों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी केंद्र पर वारदाना (बोरी) की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जनपद में वर्तमान में 1 लाख 83 हजार वारदाना उपलब्ध हैं, जिससे गेहूं खरीद का कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो रहा है।
समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि उपलब्ध वारदाना मार्केटिंग, पीसीएफ, पीसीयू एवं एफसीआई एजेंसियों के पास पर्याप्त मात्रा में मौजूद है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और सुव्यवस्थित रखा जाए।
उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के क्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण करें और वारदाना की उपलब्धता, गेहूं उठान की स्थिति तथा किसानों के लिए छाया, पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
जिलाधिकारी ने रामपुरा स्थित क्रय केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक तौल एवं पंजीकरण यंत्र को तत्काल अपडेट कराने के निर्देश भी दिए, ताकि तकनीकी समस्याओं के कारण किसानों को इंतजार न करना पड़े।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गेहूं खरीद केवल खसरा देखकर न की जाए, बल्कि प्रत्येक किसान की पंजीकरण पहचान संख्या के आधार पर सत्यापन के बाद ही खरीद सुनिश्चित की जाए, जिससे वास्तविक किसानों को ही योजना का लाभ मिल सके।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप गेहूं खरीद कार्य को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ संपादित करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को समय पर भुगतान और सुविधाएं प्राप्त हो सकें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार एवं खाद्य विपणन अधिकारी गोविंद उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।