उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रीमती शाम्भवी ने दिनांक 08 अप्रैल 2026 को जिला कारागार उरई का साप्ताहिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न बैरकों का भ्रमण कर निरुद्ध बंदियों से संवाद स्थापित किया तथा उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और समझा। साथ ही, जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने ऐसे बंदियों की सूची तत्काल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जालौन को भेजने के निर्देश दिए, जिनकी जमानत सक्षम न्यायालय द्वारा स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन जमानतदार के अभाव में वे रिहा नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में प्रभावी पैरवी कर बंदियों की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित कराई जाए। इसके अतिरिक्त, आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों की जमानत राज्य की ओर से जिला अधिकार प्राप्त समिति, जालौन के माध्यम से कराए जाने के भी निर्देश दिए गए।
सचिव द्वारा बंदियों के मुकदमों की पैरवी, उन्हें उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता एवं सलाह, महिला बंदियों तथा उनके साथ रह रहे बच्चों की चिकित्सा और खान-पान व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन बंदियों के पास निजी अधिवक्ता नहीं हैं अथवा जिनकी न्यायालयों में विधिवत पैरवी नहीं हो पा रही है, उन्हें तत्काल विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक श्री नीरज देव, कारापाल श्री प्रदीप कुमार, चिकित्साधिकारी डॉ० राहुल बर्मन, उपकारापाल श्री अमर सिंह एवं श्री संगेश कुमार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जालौन के लिपिक श्री शुभम् शुक्ला उपस्थित रहे।