संवाददाता
उरई / जालौन
उरई मुख्यालय के बघोरा स्थित उच्च प्राथमिक कंपोजिट विद्यालय से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह एवं अपर जिलाधिकारी संजय कुमार के साथ संयुक्त रूप से ‘स्कूल चलो अभियान’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं को पुस्तकें एवं स्कूल बैग वितरित कर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि 01 अप्रैल 2026 से जनपद के सभी 1489 परिषदीय विद्यालयों में यह अभियान शुरू किया गया है, जिसके अंतर्गत लगभग 14 हजार बच्चों के नामांकन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के पहले दिन ही बघोरा विद्यालय में 40 बच्चों का नामांकन किया गया, जिससे अभिभावकों और बच्चों में उत्साह देखने को मिला।
उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों को चिन्हित किया जा रहा है जो अब तक शिक्षा से वंचित हैं, विशेषकर 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों पर फोकस किया जा रहा है। साथ ही 6 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी बच्चों का स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, यह प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अभियान के तहत स्कूल प्रबंधन समितियों को घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन कराने और ड्रॉपआउट बच्चों को पुनः विद्यालय से जोड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह अभियान 15 अप्रैल तक चलेगा तथा 30 अप्रैल को इसकी समीक्षा की जाएगी।
जनपद की साक्षरता दर 81.6 प्रतिशत बताते हुए उन्होंने इसे और बेहतर करने का लक्ष्य रखा और संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपीं। उन्होंने यह भी कहा कि केवल नामांकन ही नहीं, बल्कि बच्चों की नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
इस दौरान एक मानवीय पहल भी सामने आई। जनसुनवाई के दौरान रामनगर निवासी नेत्रहीन पिता राम सिंह अपने 11 वर्षीय पुत्र ऋतिक के साथ सहायता के लिए पहुंचे। बातचीत में जब पता चला कि बच्चा स्कूल नहीं जाता, तो जिलाधिकारी ने स्वयं पहल करते हुए उसे बघोरा स्थित विद्यालय ले जाकर माला पहनाकर उसका नामांकन कराया और शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ दिया।
इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्र प्रकाश, जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पंडित, अधिशासी अधिकारी राम अचल कुरील सहित अन्य अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।