संवाददाता, उरई/जालौन।
जनपद में पेयजल और विद्युत व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में जलापूर्ति, विद्युत आपूर्ति, वाटर कूलर, ट्यूबवेल, हैडपम्प, सफाई व्यवस्था तथा नहरों के संचालन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि गर्मी के मौसम में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे को निर्देशित किया कि जहां कहीं भी पानी की शिकायत प्राप्त हो, वहां तत्काल टीम गठित कर मौके पर जांच कराई जाए और समस्या का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने सभी सरकारी संस्थानों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे वाटर कूलरों की नियमित जांच करने और उन्हें क्रियाशील बनाए रखने के निर्देश दिए। यदि कोई वाटर कूलर या ट्यूबवेल खराब हो, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए ताकि पानी की आपूर्ति निरंतर बनी रहे और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट न उत्पन्न हो।
जिलाधिकारी ने कहा कि बिजली आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा और नियमित जांच सुनिश्चित की जाए और बिजली की उपलब्धता हर समय बनाए रखी जाए।
इसके अलावा, नगर निकायों और ग्राम पंचायतों में पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। यदि किसी क्षेत्र में पानी की आपूर्ति बाधित हो, तो तब तक टैंकर के माध्यम से आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने पर जोर दिया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे, प्रेमचंद मौर्य, अधीक्षण अभियंता, जिला पंचायत राज अधिकारी अयोध्या प्रसाद सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।