संवाददाता, जालौन
उत्तर प्रदेश सरकार की विकास प्राथमिकताओं एवं मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रदेश में आधारभूत संरचनाओं को मजबूत बनाने के लिए सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव एवं विभागाध्यक्ष अजय चौहान ने शनिवार को जनपद जालौन में निर्माणाधीन जालौन-भिंड मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-70) के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का औचक निरीक्षण किया।
झांसी मंडल के भ्रमण एवं समीक्षा बैठक में शामिल होने के दौरान प्रमुख सचिव ने मार्ग में रुककर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता तथा तकनीकी मानकों का स्थलीय परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़क के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से अवलोकन किया और मौके पर ही गुणवत्ता की जांच कराई।
प्रमुख सचिव ने निर्माण स्थल से कोर कटिंग कर सड़क की गुणवत्ता का परीक्षण कराया तथा विभिन्न निर्माण मदों की माप एवं उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता का सत्यापन किया। परीक्षण के दौरान निर्माण कार्य निर्धारित मानकों एवं स्वीकृत तकनीकी मापदंडों के अनुरूप पाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि जालौन-भिंड मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण की कुल स्वीकृत लंबाई 18.680 किलोमीटर है, जिस पर लगभग 59.58 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत सड़क को 10 मीटर चौड़ा विकसित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक हो सकेगी।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव अजय चौहान ने विभागीय अभियंताओं एवं संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनता को टिकाऊ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी, गुणवत्ता में कमी अथवा किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अभियंताओं एवं ठेकेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने तथा गुणवत्ता नियंत्रण की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव ने कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क न केवल आवागमन को सुगम बनाता है, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को भी गति प्रदान करता है। इसलिए प्रत्येक परियोजना में गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के संबंधित अभियंता, विभागीय अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।