यूरोपीय देशों का डेनमार्क और ग्रीनलैंड को समर्थन
एजेंसी | ब्रुसेल्स/वॉशिंगटन
ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ते विवाद के बीच नाटो प्रमुख मार्क रुटे ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस मुद्दे पर बातचीत की है। रुटे ने बताया कि उन्होंने ट्रंप से ग्रीनलैंड और आर्कटिक क्षेत्र की मौजूदा स्थिति को लेकर चर्चा की, हालांकि बातचीत के विस्तृत ब्योरे साझा नहीं किए गए।
मार्क रुटे ने कहा कि यह वार्ता रचनात्मक और गंभीर रही तथा नाटो इस क्षेत्र में स्थिरता और सहयोग को प्राथमिकता देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नाटो सदस्य देशों के बीच किसी भी प्रकार के मतभेद को संवाद के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए।
यूरोपीय देशों का समर्थन
इस बीच कई यूरोपीय देशों ने खुलकर डेनमार्क और ग्रीनलैंड के समर्थन का ऐलान किया है। यूरोपीय संघ के नेताओं ने कहा कि ग्रीनलैंड का भविष्य अंतरराष्ट्रीय कानून और वहां के लोगों की इच्छा के अनुरूप तय होना चाहिए।
जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, नीदरलैंड, स्वीडन और अन्य यूरोपीय देशों ने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाते हुए डेनमार्क के पक्ष में बयान दिए हैं।
ट्रंप का पुराना बयान फिर चर्चा में
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान ग्रीनलैंड को लेकर दिए गए बयानों के कारण यह मुद्दा पहले भी अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में रहा था। एक बार फिर यह विषय सामने आने से आर्कटिक क्षेत्र की रणनीतिक अहमियत पर वैश्विक चर्चा तेज हो गई है।
नाटो और यूरोपीय देशों ने दोहराया है कि वे क्षेत्रीय स्थिरता, सुरक्षा और सहयोग के पक्षधर हैं और किसी भी तरह के टकराव से बचना चाहते हैं।