टैगिंग कर बिक्री करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई – जिला कृषि अधिकारी
संवाददाता | कानपुर देहात
जिला कृषि अधिकारी डॉ. उमेश कुमार गुप्ता ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को उच्च गुणवत्ता के अनुदानित उर्वरक समय से एवं निर्धारित दर पर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जनपद में यह शिकायतें लगातार मिल रही थीं कि यूरिया आपूर्ति करने वाली कंपनियां अपने वितरकों के माध्यम से फुटकर विक्रेताओं को यूरिया के साथ गैर-अनुदानित उर्वरकों की टैगिंग कर किसानों को उन्हें खरीदने के लिए बाध्य कर रही हैं।
इस संबंध में शासन स्तर पर कई बार उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि यूरिया के साथ किसी भी प्रकार की टैगिंग न की जाए। इसके बावजूद शिकायतें प्राप्त होने पर शासन ने कड़ा निर्णय लिया है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि प्रदेश में यूरिया की आपूर्ति करने वाली समस्त संस्थाओं को अनुदानित उर्वरकों की आपूर्ति एवं बिक्री हेतु दी गई अनुमति को छोड़कर उनके विक्रय प्राधिकार पत्र में अंकित सभी गैर-अनुदानित उत्पादों की आपूर्ति एवं बिक्री वर्ष 2026 से उत्तर प्रदेश में पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दी गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 01 जनवरी 2026 से यदि कोई उर्वरक आपूर्ति करने वाली कंपनी यूरिया के साथ किसी भी गैर-अनुदानित उर्वरक की बिक्री करती पाई गई तो संबंधित कंपनी एवं विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी ने समस्त खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए कि वे किसान भाइयों को केवल पीओएस मशीन के माध्यम से, उनकी जोत बही के अनुसार वितरण पंजिका में संपूर्ण विवरण अंकित करते हुए उर्वरक की बिक्री करें तथा प्रत्येक किसान को कैश मेमो अनिवार्य रूप से प्रदान करें।
प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य किसानों को उच्च गुणवत्ता के कृषि निवेश उचित मूल्य पर उपलब्ध कराना है। इस संबंध में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही एवं प्रमुख सचिव कृषि उत्तर प्रदेश शासन रविंद्र द्वारा प्रतिदिन जिलाधिकारियों, कृषि विभाग के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा की जा रही है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि शासन के इन आदेशों का पालन न करने वालों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।