पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया फैसला, ₹8 हजार का अर्थदंड भी लगाया
संवाददाता
कानपुर देहात
कानपुर देहात। नाबालिग बालिका का बुरी नीयत से पीछा कर उसे दबोचने, छेड़खानी करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है। एडीजे-15/पॉक्सो कोर्ट, कानपुर देहात ने आरोपी को चार वर्ष के सश्रम कारावास और 8 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस के अनुसार, 14 नवंबर 2017 को डेरापुर थाना क्षेत्र के ग्राम डिडौलिया निवासी अजीत कटियार पुत्र कृपाशंकर कटियार के खिलाफ नाबालिग पीड़िता का बुरी नीयत से पीछा करने, छेड़खानी करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। थाना डेरापुर में मु0अ0सं0 551/2017 के तहत धारा 354, 504, 506 भादवि एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 08 में अभियोग पंजीकृत किया गया था।
साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दाखिल हुआ आरोप पत्र
मामले के विवेचक ने गुणवत्तापूर्ण विवेचना करते हुए पीड़िता एवं गवाहों के बयान दर्ज किए और उपलब्ध साक्ष्यों का संकलन किया। विवेचना पूरी करने के बाद 04 जनवरी 2018 को आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।
‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत हुई प्रभावी पैरवी
आरोपी को सजा दिलाने के लिए पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन एवं मॉनिटरिंग सेल की ओर से मामले में लगातार प्रभावी पैरवी की गई। न्यायालय में साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को मजबूती से प्रस्तुत किया गया।
चार वर्ष का सश्रम कारावास और ₹8 हजार अर्थदंड
पुलिस के अनुसार, 05 अक्टूबर 2026 को माननीय न्यायालय एडीजे-15/पॉक्सो कोर्ट, कानपुर देहात ने आरोपी अजीत कटियार को दोषसिद्ध करते हुए चार वर्ष के सश्रम कारावास एवं 8,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा न करने पर आरोपी को चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत अपराधियों को उनके कृत्यों की सजा दिलाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में की गई प्रभावी पैरवी का परिणाम है।