कानपुर देहात में 31 अक्टूबर तक धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू

आगामी पर्वों और विभिन्न परीक्षाओं के मद्देनजर प्रशासन ने जारी किए प्रतिबंधात्मक आदेश, बिना अनुमति सभा-जुलूस और ड्रोन संचालन पर रोक

संवाददाता / कानपुर देहात।

आगामी पर्वों, त्योहारों एवं विभिन्न परीक्षाओं के मद्देनजर जनपद कानपुर देहात में कानून एवं शांति व्यवस्था तथा जन सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार ने बताया कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है और 31 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगा, यदि इससे पहले इसे वापस नहीं लिया जाता है।

प्रशासन के अनुसार 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी, 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा तथा 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि प्रारंभ होने के साथ दुर्गा महाअष्टमी, दशहरा/महानवमी एवं महर्षि वाल्मीकि जयंती जैसे पर्व मनाए जाएंगे। इसके अलावा जनपद में विभिन्न परीक्षाएं भी प्रस्तावित हैं। इन आयोजनों एवं परीक्षाओं के दौरान शांति, कानून व्यवस्था और जनसुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।

सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने पर रोक

आदेश के तहत किसी व्यक्ति, संस्था, संगठन अथवा समूह द्वारा ऐसा कोई कार्य नहीं किया जाएगा, जिससे सांप्रदायिक सद्भाव एवं सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो। किसी जाति, धर्म, पंथ अथवा संगठन की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कार्यक्रम, भाषण या गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम आदि पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली आपत्तिजनक सामग्री, अफवाह या किसी महापुरुष, देवी-देवता के अनादर से संबंधित सामग्री प्रसारित करने पर भी रोक रहेगी।

बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध

जनपद में सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना ड्रोन कैमरे का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।

आग्नेयास्त्र, विस्फोटक पदार्थ, लाठी, बल्लम, भाला अथवा धारदार हथियार लेकर सार्वजनिक रूप से चलने या उनका प्रदर्शन करने पर भी रोक रहेगी। ड्यूटी पर तैनात अधिकृत शासकीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों को नियमानुसार इससे छूट रहेगी।

बिना अनुमति सभा और जुलूस नहीं

कोई भी व्यक्ति, संस्था, संगठन अथवा दल बिना पूर्व अनुमति के सभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जुलूस या अन्य सार्वजनिक आयोजन नहीं कर सकेगा। अनुमति मिलने की स्थिति में निर्धारित स्थल, मार्ग एवं समय में परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।

सभाओं में भड़काऊ अथवा अमर्यादित भाषण, पुतला दहन और लोक व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर रोक रहेगी। किसी भी नई परंपरा अथवा जुलूस के लिए नया मार्ग अपनाने की अनुमति नहीं होगी।

परंपरागत पर्व-त्योहार, विवाह समारोह, शव यात्रा तथा शासन के विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों को नियमानुसार छूट दी गई है। धार्मिक उद्देश्य से कृपाण धारण करने वाले सिख समुदाय के लोगों तथा सहारे के लिए छड़ी अथवा लाठी का उपयोग करने वाले बुजुर्ग एवं दिव्यांग व्यक्तियों को भी संबंधित प्रतिबंध से छूट रहेगी।

रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर रोक

सार्वजनिक स्थानों पर बिना पूर्व अनुमति ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। अनुमति प्राप्त होने के बावजूद निर्धारित शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर अथवा अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा। धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों पर ध्वनि मानकों का भी पालन करना होगा।

परीक्षाओं को लेकर भी कड़े निर्देश

परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए परीक्षा केंद्रों पर नकल अथवा अनुचित साधनों के प्रयोग पर पूर्ण रोक रहेगी। परीक्षा परिसर में मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, अन्य संचार उपकरण एवं आईटी गैजेट्स ले जाना प्रतिबंधित होगा।

परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक आने-जाने में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न करने पर रोक रहेगी। परीक्षा केंद्र की बाउंड्रीवाल के बाहर 100 मीटर की परिधि में अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में फोटोकॉपी, फैक्स, इंटरनेट कैफे आदि की दुकान खोलने पर भी प्रतिबंध रहेगा। यह प्रतिबंध सरकारी कार्यालयों एवं अधिष्ठानों पर लागू नहीं होगा।

परीक्षा केंद्रों पर या आसपास नकल कराने, नकल करने अथवा किसी अनुचित साधन का प्रयोग करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यातायात नियमों का पालन जरूरी

आदेश के तहत चार पहिया अथवा अन्य छत वाले वाहनों की छत पर बैठकर यात्रा करने तथा दोपहिया वाहन पर दो से अधिक व्यक्तियों के बैठने पर रोक रहेगी। निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर वाहन चलाने और मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।

मोटरसाइकिल आदि पर सवार होकर हुड़दंग करने, यातायात बाधित करने अथवा सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर भी प्रतिबंध रहेगा।

उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई

अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 51 तथा बीएनएस-2023 की धारा 223 एवं अन्य संबंधित विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन के अनुसार आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है और 10 सितंबर 2026 की पूर्वाह्न से 31 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। यदि कोई व्यक्ति अथवा संस्था आदेश से असंतुष्ट है और आपत्ति, आवेदन, छूट या शिथिलता चाहता है तो संबंधित उप जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। मामले पर सुनवाई के बाद नियमानुसार उचित आदेश पारित किया जाएगा।

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