कानपुर देहात में आत्महत्या रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम, मानसिक स्वास्थ्य पर दिया जोर

सीएमओ ने व्यायाम, योग, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद को बताया स्वस्थ जीवन का आधार, टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 की दी जानकारी

संवाददाता / कानपुर देहात

कानपुर देहात, 11 सितंबर 2026। निदेशक (स्वास्थ्य), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देशों के क्रम में कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कानपुर देहात के सभागार में आत्महत्या रोकथाम एवं मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन “Changing the Narrative on Suicide” थीम के तहत किया गया, जिसका नारा “बातचीत शुरू करें (Start the Conversation)” रखा गया। इसके साथ ही गैर संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम की समीक्षा बैठक भी आयोजित हुई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. जय गोविन्द ने की, जबकि संचालन उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं एनसीडी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डाॅ. सिद्धार्थ पाठक ने किया। जागरूकता कार्यक्रम में आत्महत्या की घटनाओं की रोकथाम, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और मानसिक रूप से परेशान लोगों की समय पर मदद किए जाने पर विशेष जोर दिया गया।

मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर विशेष जोर

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. जय गोविन्द ने कहा कि मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए नियमित व्यायाम, योग, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से मानसिक तनाव को नजरअंदाज न करने तथा जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की।

उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 एवं 1800-891-4416 के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानसिक परेशानी होने पर व्यक्ति को अकेले रहने के बजाय परिवार, मित्रों या स्वास्थ्य विशेषज्ञों से बातचीत करनी चाहिए।

30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की होगी एनसीडी स्क्रीनिंग

समीक्षा बैठक में 30 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों की स्क्रीनिंग पर भी जोर दिया गया। सी-बैक फॉर्म भराने के साथ आशाओं के माध्यम से लोगों को चिन्हित करने तथा एएनएम और सीएचओ द्वारा संबंधित क्षेत्रों में एनसीडी स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए गए।

इस दौरान डायबिटीज, हाइपरटेंशन, ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर एवं सीओपीडी जैसी बीमारियों की जांच करने पर जोर दिया गया। स्क्रीनिंग के दौरान संदिग्ध या जरूरतमंद मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर कार्यरत चिकित्साधिकारियों के पास संदर्भित करने के निर्देश दिए गए।

चिकित्साधिकारियों को मरीजों की आवश्यक जांच, निदान एवं उपचार सुनिश्चित करने के साथ ही संबंधित जानकारी ई-कवच पोर्टल/एप्लीकेशन पर अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए।

प्रत्येक गुरुवार आयोजित होगा ‘मन चेतना दिवस’

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गुरुवार को सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं ब्लॉक स्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ‘मन चेतना दिवस’ का आयोजन किया जाए। कार्यक्रम की गतिविधियों की रिपोर्ट भी नियमित रूप से उपलब्ध कराने को कहा गया।

तंबाकू और धूम्रपान से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति किया जागरूक

कार्यक्रम में तंबाकू एवं धूम्रपान के सेवन से होने वाले नुकसान और उससे बचाव के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। लोगों को तंबाकू का सेवन न करने तथा हाइपरटेंशन और मधुमेह की नियमित जांच कराने के लिए जागरूक किया गया।

इसके साथ ही ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों के जोखिम के संबंध में भी जानकारी दी गई। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मानसिक तनाव से बचने, स्वस्थ आहार लेने और बेहतर जीवनशैली अपनाने को लेकर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जागरूक किया गया।

तंबाकू मुक्त परिसर बनाने के निर्देश

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कोटपा अधिनियम-2003 एवं पेका अधिनियम-2019 के प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। सभी कार्यालयों एवं संस्थानों को ‘तंबाकू मुक्त परिसर’ घोषित कराने के निर्देश दिए गए।

सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने वालों के खिलाफ कोटपा अधिनियम-2003 की धारा-4 के तहत कार्रवाई करते हुए 200 रुपये तक का जुर्माना किए जाने के निर्देश भी दिए गए।

अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. जय गोविन्द ने राज्य स्तर से प्राप्त दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश सभी चिकित्सा अधीक्षकों, प्रभारी चिकित्साधिकारियों, बीपीएम एवं बीसीपीएम को दिए। उन्होंने एनसीडी स्क्रीनिंग, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, मरीजों के संदर्भन और उपचार से संबंधित कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया।

समीक्षा बैठक में डाॅ. एसएल वर्मा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डाॅ. सिद्धार्थ पाठक, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी, डाॅ. आशीष बाजपेई, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी, सभी चिकित्सा अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी, बीपीएम, बीसीपीएम, अन्य चिकित्साधिकारी तथा अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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