गैर-संचारी रोग कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित, एनसीडी स्क्रीनिंग एवं नशा मुक्ति जागरूकता पर दिया जोर

30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की स्क्रीनिंग, समय से उपचार एवं ई-कवच पोर्टल पर विवरण अपडेट करने के निर्देश

संवाददाता | कानपुर देहात

कानपुर देहात। नशीली दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी की रोकथाम, तंबाकू एवं धूम्रपान तथा शराब की लत से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने, सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा गैर-संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम की प्रभावी समीक्षा के उद्देश्य से शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कानपुर देहात के सभागार कक्ष में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता श्रीमती नुपुर श्रीवास्तव, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद न्यायालय कानपुर देहात एवं डॉ. जय गोविन्द, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कानपुर देहात ने संयुक्त रूप से की। बैठक का संचालन डॉ. डी.के. सिंह, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी कानपुर देहात द्वारा किया गया।

बैठक में नशीली दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध जागरूकता, तंबाकू एवं धूम्रपान की लत से बचाव, शराब के सेवन से होने वाले दुष्प्रभाव, सर्वाइकल कैंसर जागरूकता कार्यक्रम तथा गैर-संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम की प्रगति सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

नशीली दवाओं के दुरुपयोग के विरुद्ध जागरूकता पर जोर

बैठक में नशीली दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के कारण होने वाले स्वास्थ्य एवं सामाजिक दुष्प्रभावों पर चर्चा की गई। इस विषय पर डॉ. यतेन्द्र शर्मा, एपिडेमियोलॉजिस्ट द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उपस्थित अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को जागरूक किया गया।

प्रस्तुतीकरण के दौरान नशीली दवाओं के सेवन से होने वाले नुकसान, इसके दुष्प्रभाव तथा नशे से बचाव एवं रोकथाम के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने लोगों को नशे से दूर रखने तथा युवाओं एवं आमजन के बीच लगातार जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

30 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की होगी एनसीडी स्क्रीनिंग

बैठक में श्रीमती निवेदिता सिंह चौहान, डीसीपीएम एवं श्री राजू साहू, जिला वित्त एवं लॉजिस्टिक परामर्शदाता द्वारा सीएचओ एवं चिकित्साधिकारियों को गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग को प्रभावी बनाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि 30 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों का आशाओं के माध्यम से सी-बैक फॉर्म भराया जाए। इसके बाद एएनएम एवं सीएचओ द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में संबंधित व्यक्तियों की एनसीडी स्क्रीनिंग कराई जाए।

स्क्रीनिंग के दौरान विशेष रूप से डायबिटीज, हाइपरटेंशन, ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर एवं सीओपीडी जैसी गंभीर बीमारियों की जांच पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

जिन मरीजों में बीमारी के लक्षण अथवा किसी प्रकार का जोखिम पाया जाता है, उन्हें आवश्यकतानुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर कार्यरत चिकित्साधिकारियों को संदर्भित करने के निर्देश दिए गए। चिकित्साधिकारियों को मरीजों की आवश्यक जांच, निदान एवं उपचार सुनिश्चित करने के साथ-साथ संबंधित विवरण ई-कवच पोर्टल/एप्लीकेशन पर अपडेट कराने को कहा गया।

कम प्रगति वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चेतावनी

बैठक के दौरान एनसीडी स्क्रीनिंग एवं संबंधित कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कम कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्य में सुधार लाने तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

इसके साथ ही प्रत्येक गुरुवार को सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं ब्लॉक स्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ‘मन चेतना दिवस’ आयोजित करने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम के आयोजन के बाद उसकी रिपोर्ट भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपलब्ध कराने को कहा गया।

तंबाकू एवं धूम्रपान से होने वाले दुष्प्रभावों पर दी जानकारी

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविन्द ने तंबाकू एवं धूम्रपान का सेवन न करने तथा नियमित रूप से हाइपरटेंशन एवं मधुमेह की जांच कराने के लिए लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया।

उन्होंने तंबाकू एवं धूम्रपान के सेवन से होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं तथा इसके दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन से विभिन्न गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है। लोगों को विशेष रूप से ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर एवं सर्वाइकल कैंसर सहित अन्य रोगों के प्रति जागरूक किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक तनाव से बचने, सकारात्मक सोच रखने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। साथ ही स्वस्थ एवं संतुलित आहार का सेवन करने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई।

कार्यालयों एवं संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने के निर्देश

बैठक में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कोटपा अधिनियम-2003 एवं पेका अधिनियम-2019 के प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने कार्यालयों एवं संस्थानों को ‘तंबाकू मुक्त परिसर’ घोषित कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में बताया गया कि कोटपा अधिनियम-2003 की धारा-4 के प्रावधानों के अनुसार सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करते हुए पाए जाने वाले व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार ₹200 तक का जुर्माना किया जा सकता है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने भी दिए आवश्यक निर्देश

श्रीमती नुपुर श्रीवास्तव, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद न्यायालय कानपुर देहात ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के खिलाफ लोगों को जागरूक करने, तंबाकू एवं धूम्रपान तथा शराब की लत से बचाव के लिए प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने पर जोर दिया।

उन्होंने गैर-संचारी रोगों की समय से स्क्रीनिंग, संदर्भन एवं उपचार सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ समय से जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण है।

बैठक में अधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मी रहे उपस्थित

समीक्षा बैठक में डॉ. एस.एल. वर्मा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. डी.के. सिंह, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, श्री मारुति दीक्षित, जिला मलेरिया अधिकारी, मो. एजाज, चिकित्साधिकारी सहित समस्त सीएचओ, अन्य चिकित्साधिकारी एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

बैठक में अधिकारियों ने गैर-संचारी रोगों की समय से पहचान एवं उपचार, नशीली दवाओं एवं तंबाकू सेवन की रोकथाम, कैंसर के प्रति जागरूकता तथा मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा आमजन से अपील की गई कि वे नियमित रूप से स्वास्थ्य की जांच कराएं, तंबाकू एवं धूम्रपान सहित नशीले पदार्थों से दूरी बनाए रखें और किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर समय से चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार प्राप्त करें।

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