जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कारागार प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को प्रभावी अनुश्रवण और नियमित समीक्षा के दिए निर्देश
संवाददाता | कानपुर देहात
कानपुर देहात। कारागार में निरुद्ध दिव्यांग बंदियों को शासन के निर्देशों के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा उनके अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में दिव्यांग बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, सुगम वातावरण तथा अन्य व्यवस्थाओं की स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित कुमार, जेल अधीक्षक कानपुर देहात धीरज कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी विनय उत्तम तथा जेल के चिकित्सक डॉ. कुलदीप सिंह तोमर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि कारागार में निरुद्ध दिव्यांग बंदियों को उनकी दिव्यांगता के प्रकार एवं व्यक्तिगत आवश्यकता के अनुरूप सम्मानजनक, सुरक्षित एवं सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक दिव्यांग बंदी की पहचान करते हुए उसकी आवश्यकताओं का समुचित आकलन किया जाए और शासन द्वारा निर्धारित सभी अनुमन्य सुविधाएं उन्हें समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराई जाएं।
सुगम वातावरण एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि दिव्यांग बंदियों के लिए पढ़ने, लिखने एवं समझने में सुगम सामग्री की व्यवस्था की जाए। आवश्यकता के अनुसार ब्रेल लिपि, बड़े अक्षरों में मुद्रित सामग्री, सांकेतिक भाषा अथवा अन्य उपयुक्त माध्यमों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे दिव्यांग बंदियों को जानकारी प्राप्त करने और अपनी बात रखने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
उन्होंने कारागार परिसर में दिव्यांग बंदियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुगम शौचालय, स्नानघर, सुरक्षित आवागमन एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कारागार में दिव्यांग बंदियों के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार किया जाए तथा उनकी शारीरिक आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं।
नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सा सुविधा पर जोर
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि दिव्यांग बंदियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें उपचार एवं अन्य आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने जरूरतमंद बंदियों के लिए फिजियोथेरेपी, मनोचिकित्सकीय परामर्श एवं मनोसामाजिक सहयोग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही दिव्यांगता के प्रकार एवं आवश्यकता के अनुसार व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र एवं अन्य सहायक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक दिव्यांग बंदी की स्वास्थ्य स्थिति एवं आवश्यकता के अनुरूप उसे उपयुक्त एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाए, जिससे उसके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
शिक्षा एवं कौशल विकास से जोड़ने के निर्देश
जिलाधिकारी ने दिव्यांग बंदियों के समावेशी विकास पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बंदियों को उनकी क्षमता एवं रुचि के अनुरूप शिक्षा, कौशल विकास एवं अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें भविष्य के लिए उपयोगी कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिव्यांग बंदियों की क्षमताओं एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उनके लिए उपयुक्त गतिविधियों एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए।
शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने कारागार में दिव्यांग बंदियों के लिए प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बंदियों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों का तत्काल पंजीकरण किया जाए और प्रत्येक शिकायत का परीक्षण करते हुए नियमानुसार शीघ्र एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कारागार कर्मियों को भी दिव्यांग बंदियों के अधिकारों एवं उनकी विशेष आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील बनाए जाने पर जोर दिया, ताकि किसी भी स्तर पर भेदभाव, उपेक्षा अथवा अनावश्यक असुविधा की स्थिति उत्पन्न न हो।
शासन एवं उच्च न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन
जिलाधिकारी कपिल सिंह ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन एवं माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिव्यांग बंदियों के संबंध में जारी सभी निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जिला स्तरीय समिति के माध्यम से कारागार में दिव्यांग बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की नियमित निगरानी एवं समीक्षा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करें कि पात्र दिव्यांग बंदियों को चिकित्सा सुविधा, सहायक उपकरण, सुगम वातावरण, पौष्टिक आहार, मानसिक स्वास्थ्य सहयोग, शिक्षा एवं कौशल विकास तथा प्रभावी शिकायत निवारण सहित सभी अनुमन्य सुविधाएं समय से प्राप्त हों।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि दिव्यांग बंदियों को शासन द्वारा अनुमन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें तथा सुविधाओं की स्थिति की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित अवधि में अनुपालन रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
बैठक के माध्यम से प्रशासन ने यह स्पष्ट किया कि कारागार में निरुद्ध दिव्यांग बंदियों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य, अधिकार एवं गरिमापूर्ण जीवन को सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।