अधिक से अधिक वादों के निस्तारण के लिए विभागों को दिए गए सख्त निर्देश
संवाददाता
कानपुर देहात
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर देहात के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश श्री रविंद्र सिंह के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में आगामी 12 सितंबर 2026, दिन शनिवार को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को जनपद न्यायालय भवन के सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में राष्ट्रीय लोक अदालत, कानपुर देहात के नोडल अधिकारी/अपर जिला न्यायाधीश प्रथम श्री रजत सिन्हा ने राष्ट्रीय लोक अदालत की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि 12 सितंबर को कचहरी परिसर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक वादों का सुलह-समझौते एवं आपसी सहमति के आधार पर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
नोडल अधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि अपने-अपने विभागों में लंबित एवं लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित किए जा सकने वाले वादों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया जाए। साथ ही संबंधित पक्षकारों को समय से नोटिस तामील कराने तथा उन्हें लोक अदालत में उपस्थित होकर आपसी सहमति से विवाद का समाधान कराने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी विशेष जोर दिया। निर्देशित किया गया कि शिविर, नुक्कड़ सभा, प्रचार सामग्री एवं अन्य माध्यमों से आमजन को राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व एवं लाभों की जानकारी दी जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कानपुर देहात की सचिव श्रीमती नूपुर श्रीवास्तव ने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए प्रत्येक विभाग अपने स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करे। उन्होंने बैंक ऋण, विद्युत, पानी, राजस्व एवं अन्य विभागों से संबंधित मामलों को विशेष अभियान चलाकर चिन्हित करने तथा अधिक से अधिक प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य आमजन को सरल, सुलभ एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। आपसी सहमति से विवादों का समाधान होने से पक्षकारों का समय एवं धन दोनों की बचत होती है।
इन मामलों का हो सकता है निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक ऋण, बिजली, पानी, पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण, राजस्व वाद तथा शमनीय आपराधिक वादों सहित अन्य उपयुक्त प्रकरणों का दोनों पक्षों की आपसी सहमति से निस्तारण कराया जा सकता है।
लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित मामलों में पूर्व में जमा न्यायालय शुल्क की वापसी का भी प्रावधान है। साथ ही लोक अदालत के निर्णय के विरुद्ध सामान्यतः अपील का प्रावधान नहीं होता, जिससे विवाद का शीघ्र एवं प्रभावी समाधान संभव होता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश श्री रविंद्र सिंह के निर्देशन में राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए आवश्यक तैयारियां निरंतर की जा रही हैं। प्रशासन एवं न्यायिक अधिकारियों का प्रयास है कि अधिक से अधिक पात्र पक्षकारों को इस सुविधा का लाभ मिले और लंबित मामलों का आपसी सहमति से शीघ्र निस्तारण हो सके।
बैठक में विद्युत विभाग, पंचायती राज विभाग, तहसीलदार रसूलाबाद, यातायात विभाग, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, समाज कल्याण विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग, लघु सिंचाई विभाग, बाल विकास एवं जिला प्रोबेशन विभाग, बीएसएनएल, आबकारी विभाग, सेवायोजन विभाग तथा विभिन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे।