ग्राम प्रधान एवं तत्कालीन सचिव से ₹6.53 लाख की वसूली के आदेश, एडीओ पंचायत को प्रशासक की जिम्मेदारी
संवाददाता
कानपुर देहात
शासकीय धनराशि के दुरुपयोग, गबन एवं गंभीर वित्तीय अनियमितता के मामले में जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत देवराहट, विकासखंड अमरौधा की ग्राम प्रधान शकुन्तला देवी को प्रशासक पद से हटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), विकासखंड अमरौधा को ग्राम पंचायत देवराहट का प्रशासक नियुक्त किया गया है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि ग्राम पंचायतों में शासकीय धनराशि के दुरुपयोग एवं वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में जिला प्रशासन द्वारा जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
जांच में सामने आई ₹6.53 लाख की वित्तीय अनियमितता
प्रकरण शिकायतकर्ता महाराज सिंह पुत्र स्व. लोकनाथ, निवासी ग्राम जारी, ग्राम पंचायत देवराहट द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र एवं शपथ पत्र के आधार पर हुई प्रारंभिक जांच से संबंधित है। प्रारंभिक जांच में ग्राम प्रधान एवं तत्कालीन सचिव प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए थे।
इसके बाद संबंधित प्रावधानों के तहत ग्राम प्रधान शकुन्तला देवी की वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियों पर प्रतिबंध लगाते हुए ग्राम पंचायत में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी। वहीं तत्कालीन सचिव/ग्राम विकास अधिकारी सचिन रस्तोगी को निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू की गई थी।
निलंबन आदेश के विरुद्ध ग्राम प्रधान द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद/प्रयागराज में रिट याचिका दाखिल की गई। न्यायालय के 19 नवंबर 2025 के आदेश के अनुपालन में ग्राम प्रधान के निलंबन आदेश को स्थगित करते हुए उनका पुनः स्पष्टीकरण प्राप्त कर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
ग्राम प्रधान द्वारा 28 नवंबर 2025 को स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया। इसके परीक्षण के लिए जिला विकास अधिकारी, कानपुर देहात तथा अधिशासी अभियंता, नलकूप विभाग गजेन्द्र सिंह को नामित किया गया। दोनों अधिकारियों ने संयुक्त परीक्षण आख्या 22 मई 2026 को प्रस्तुत की, जिसमें कुल ₹6,53,339 की वित्तीय अनियमितता पाई गई। जांच में इसके लिए ग्राम प्रधान एवं तत्कालीन सचिव को जिम्मेदार ठहराया गया।
दोनों से बराबर-बराबर होगी वसूली
जिलाधिकारी ने शासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप कार्रवाई करते हुए ग्राम प्रधान शकुन्तला देवी को प्रशासक पद से हटा दिया है। अब ग्राम पंचायत देवराहट के प्रशासक की जिम्मेदारी सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), विकासखंड अमरौधा को सौंपी गई है।
वित्तीय अनियमितता की कुल ₹6,53,339 धनराशि की वसूली निर्धारित की गई है। इसमें—
- शकुन्तला देवी: ₹3,26,669.50
- तत्कालीन सचिव/ग्राम विकास अधिकारी सचिन रस्तोगी: ₹3,26,669.50
की वसूली की जाएगी।
निर्धारित धनराशि ग्राम पंचायत देवराहट के ग्राम निधि प्रथम खाते में एक पक्ष के भीतर जमा करानी होगी। जमा की गई धनराशि की रसीद खंड विकास अधिकारी, अमरौधा के माध्यम से जिला पंचायत राज अधिकारी, कानपुर देहात के कार्यालय में उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है।
समय पर धनराशि जमा न करने पर होगी भू-राजस्व की तरह वसूली
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में धनराशि जमा नहीं किए जाने की स्थिति में संबंधित धनराशि की भू-राजस्व की भांति वसूली की जाएगी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश है कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए उपलब्ध शासकीय धनराशि के दुरुपयोग, गबन अथवा गंभीर वित्तीय अनियमितता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वाले जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।