कोविड-19 के दौरान विभिन्न वित्तीय स्रोतों से कार्यरत रहे कर्मियों को 3 दिन में दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश
संवाददाता
उरई/जालौन
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एच.एन. प्रसाद ने बताया कि अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के पत्र दिनांक 12 अगस्त 2026 के क्रम में कोविड-19 महामारी के दौरान कार्यरत रहे अस्थायी, अल्पकालिक, संविदा एवं आउटसोर्स मानव संसाधन से पुनः कार्य लिए जाने के संबंध में दिशा-निर्देश प्राप्त हुए हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि जनपद जालौन में कोविड-19 महामारी के दौरान विभिन्न वित्तीय स्रोतों के माध्यम से कोविड-19 के अंतर्गत कार्यरत रहे कोविड कर्मियों के दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाना है। इसमें वे कर्मी भी शामिल हैं, जो किसी कारणवश अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम (एएमएस) ऐप पर पंजीकृत अथवा अपंजीकृत रहे हैं।
उन्होंने समस्त संबंधित कोविड कर्मियों को निर्देशित किया है कि वे अपने आवश्यक दस्तावेज स्वप्रमाणित कर अधोहस्ताक्षरी कार्यालय में सत्यापन हेतु तीन दिवस के भीतर प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
ये दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य
सत्यापन के लिए कोविड कर्मियों को निम्न दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे—
- समस्त स्वप्रमाणित शैक्षिक प्रमाण-पत्र एवं दस्तावेज।
- दो पासपोर्ट आकार के फोटोग्राफ।
- आधार कार्ड की प्रति।
- पैन कार्ड की प्रति।
- बैंक द्वारा प्रमाणित बैंक स्टेटमेंट, जिसमें कोविड प्रबंधन हेतु कार्य की गई अवधि का विवरण उपलब्ध हो।
- आउटसोर्स एजेंसी द्वारा कोविड-19 के समय जारी किया गया नियुक्ति पत्र।
- सक्षम अधिकारी सीएमओ/सीएमएस अथवा अन्य सक्षम अधिकारी द्वारा निर्धारित प्रारूप पर जारी अनुभव प्रमाण-पत्र।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने संबंधित सभी कोविड कर्मियों से अपील की है कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण रूप से तैयार कर कार्यालय में प्रस्तुत करें, ताकि दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जा सके।