विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने की दिशा में डीएम की पहल, आश्रम पद्धति विद्यालय बबीना व कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में होंगे महत्वपूर्ण विकास कार्य
संवाददाता
उरई/जालौन
जनपद के आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को बेहतर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विद्यालयों की वर्तमान आवश्यकताओं एवं भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की है। प्रस्तावित कार्यों से विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार होने के साथ ही विद्यार्थियों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय बबीना में होंगे कई विकास कार्य
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय बबीना में विद्यार्थियों की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए विभिन्न कार्य कराए जाएंगे। विद्यालय भवन की छतों की आवश्यक मरम्मत के साथ 5000 लीटर क्षमता की दो नई पानी की टंकियां स्थापित की जाएंगी। इससे विद्यालय में पेयजल व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा तथा विद्यार्थियों को पर्याप्त जल उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।
विद्यालय की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए थ्री-फेज जनरेटर की व्यवस्था की जाएगी। वहीं विद्यार्थियों की सामूहिक शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं अन्य गतिविधियों के आयोजन के लिए बहुद्देशीय हाल विकसित किया जाएगा।
जल एवं स्वच्छता प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए विद्यालय में सीवर टैंक का नवीनीकरण तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट स्थापित कराया जाएगा। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विद्यालय परिसर में 5 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट भी स्थापित किया जाएगा।
विद्यालय की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए वर्तमान गर्रही फीडर के स्थान पर विद्यालय को कदौरा फीडर से जोड़ने की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में भी सुविधाएं होंगी मजबूत
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में छात्राओं की सुविधा एवं विद्यालय परिसर के समुचित विकास को ध्यान में रखते हुए भी कई महत्वपूर्ण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है।
विद्यालय भवन तक पहुंचने वाले मार्ग को पक्का कराया जाएगा, जिससे छात्राओं का आवागमन वर्षभर सुगम और सुरक्षित बना रहे। परिसर में आवश्यकता के अनुसार स्ट्रीट लाइटें भी स्थापित की जाएंगी।
उच्चीकृत भवन के मध्य स्थित खुले कच्चे परिसर में इंटरलॉकिंग कार्य कराया जाएगा। इससे परिसर का बेहतर उपयोग हो सकेगा और छात्राओं को व्यवस्थित एवं सुविधाजनक वातावरण मिलेगा।
जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विद्यालय परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित कराया जाएगा। इसके माध्यम से वर्षाजल का संरक्षण एवं आवश्यकतानुसार उसका उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
अधिकारियों को प्राकलन तैयार करने के निर्देश
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने प्रस्तावित विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे तथा खनन अधिकारी को संबंधित कार्यों के आवश्यक प्राकलन तैयार कर स्वीकृतिनार्थ प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन की इस पहल से दोनों आवासीय विद्यालयों में शिक्षा के साथ-साथ पेयजल, विद्युत, ऊर्जा, प्रकाश, स्वच्छता, आवागमन, जल संरक्षण एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ आधार मिलेगा। इससे विद्यार्थियों, विशेषकर आवासीय विद्यालयों में रहने वाले छात्र-छात्राओं को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।