टाउन हॉल में लगी प्रदर्शनी में राष्ट्रीय ध्वज के विकास की ऐतिहासिक यात्रा का किया अवलोकन
संवाददाता | उरई/जालौन
उरई। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के इतिहास, विकास एवं गौरवशाली यात्रा से आमजन को परिचित कराने के उद्देश्य से टाउन हॉल में विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का शुभारंभ मा० राज्य मंत्री, वन, पर्यावरण, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, उत्तर प्रदेश डॉ. अरुण कुमार सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा फीता काटकर किया गया।
इस अवसर पर सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक, भाजपा जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
उद्घाटन के बाद राज्य मंत्री एवं अन्य अतिथियों ने प्रदर्शनी का विस्तारपूर्वक अवलोकन किया। प्रदर्शनी में स्वतंत्रता आंदोलन के दौर से लेकर स्वतंत्र भारत के वर्तमान राष्ट्रीय ध्वज तक तिरंगे के विकास की ऐतिहासिक यात्रा को क्रमबद्ध ढंग से प्रदर्शित किया गया है।
स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी ध्वज यात्रा को दर्शाया गया
प्रदर्शनी में राष्ट्रीय ध्वज के प्रारंभिक स्वरूप से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न चरणों में सामने आए ध्वजों के स्वरूप को चित्रों एवं विवरणों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रमों तथा विदेशों में भारतीय ध्वज फहराए जाने से संबंधित ऐतिहासिक प्रसंगों को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया है।
होम रूल आंदोलन के दौरान प्रयुक्त ध्वज, राष्ट्रीय ध्वज के विभिन्न प्रारूपों तथा तिरंगे के वर्तमान स्वरूप को व्यापक स्वीकृति मिलने तक की ऐतिहासिक यात्रा को भी प्रदर्शनी में आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
प्रदर्शनी में स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज के वर्तमान स्वरूप को स्वीकार किए जाने की ऐतिहासिक घटना को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। आगंतुकों को तिरंगे के विकास से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों एवं घटनाओं की जानकारी चित्रों और विवरणों के माध्यम से दी जा रही है।
केसरिया, सफेद, हरे रंग और अशोक चक्र का महत्व
प्रदर्शनी में तिरंगे के केसरिया, सफेद और हरे रंग के साथ मध्य में अंकित अशोक चक्र के महत्व को भी विस्तार से दर्शाया गया है। राष्ट्रीय ध्वज का प्रत्येक रंग देश के आदर्शों और मूल्यों से जुड़ा संदेश देता है, जबकि अशोक चक्र निरंतर गति, प्रगति एवं कर्तव्यबोध का प्रतीक माना जाता है।
प्रदर्शनी के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संघर्ष, त्याग, बलिदान, एकता और राष्ट्रीय गौरव की पहचान है।
नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है प्रदर्शनी
मा० राज्य मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता, संघर्ष, बलिदान, एकता और गौरव का प्रतीक है। तिरंगे के स्वरूप में समय के साथ हुए बदलावों की यात्रा देश के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण की गौरवगाथा को भी अपने भीतर समेटे हुए है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनियां विशेष रूप से युवाओं एवं विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ध्वज के इतिहास और उसके महत्व से परिचित कराने का प्रभावी माध्यम हैं। इससे नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े गौरवशाली अध्यायों को समझने और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ जैसे अभियान केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से देश के नागरिकों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता एवं कर्तव्यबोध की भावना को और मजबूत किया जा रहा है।
प्रदर्शनी में तिरंगे के इतिहास एवं उसके विभिन्न स्वरूपों को देखकर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों एवं आमजन ने देश के स्वतंत्रता संघर्ष और राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े गौरवशाली इतिहास की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को राष्ट्रध्वज की गरिमा एवं सम्मान बनाए रखने तथा ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया गया।