31 त्वरित आर्थिक विकास कार्यों को अक्टूबर-नवंबर तक पूरा कराने के निर्देश, गुणवत्ता में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
संवाददाता | उरई/जालौन
उरई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में त्वरित आर्थिक विकास योजना, क्रिटिकल गैप योजना तथा आकांक्षात्मक विकासखंडों में पुरस्कृत धनराशि से कराए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विकास कार्यों को गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
31 निर्माण कार्यों को समय से पूरा कराने के निर्देश
त्वरित आर्थिक विकास योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बताया गया कि योजना के तहत कुल 31 निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं और सभी कार्यों को प्रारंभ कराने की कार्रवाई की जा रही है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्वीकृत सभी 31 निर्माण कार्यों को अक्टूबर-नवंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की नियमित स्थलीय जांच करते हुए उनकी गुणवत्ता एवं प्रगति की लगातार निगरानी की जाए।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए तथा कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि परियोजनाओं से संबंधित लंबित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराते हुए कार्यों में तेजी लाई जाए।
क्रिटिकल गैप योजना के कार्यों की भी हुई समीक्षा
बैठक में क्रिटिकल गैप योजना की भी समीक्षा की गई। इस दौरान अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा मिगनी रोड से मिगनी मैन रोड तक संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया गया है।
संपर्क मार्ग के निर्माण से क्षेत्रीय ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ ही गांव की मुख्य सड़क से संपर्क व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
इसके अलावा उरई-कानपुर मुख्य मार्ग से शाहजहांपुर की ओर जाने वाले मार्ग से संबंधित कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को आवश्यक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कराते हुए कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
आकांक्षात्मक विकासखंडों में 18 परियोजनाओं पर चल रहा कार्य
बैठक में आकांक्षात्मक विकासखंड रामपुरा एवं जालौन में कराए जा रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि दोनों विकासखंडों में कुल 18 परियोजनाओं पर कार्य कराया जा रहा है। इनमें से 5 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 13 कार्य प्रगति पर हैं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आकांक्षात्मक विकासखंडों के लिए उपलब्ध संसाधनों एवं पुरस्कृत धनराशि का अधिकतम उपयोग जनहितकारी कार्यों में सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, कृषि, सड़क एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को विकास योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता की निगरानी के निर्देश
जिलाधिकारी ने कहा कि केवल परियोजनाओं को स्वीकृति देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रगति पर चल रहे सभी निर्माण कार्यों का नियमित स्थलीय निरीक्षण किया जाए और कार्य की गुणवत्ता, सामग्री एवं निर्धारित मानकों की जांच सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी विकास कार्य की वास्तविक सफलता उसकी गुणवत्ता, उपयोगिता और आमजन को मिलने वाले प्रत्यक्ष लाभ से निर्धारित होती है। इसलिए सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सरकारी धनराशि का सदुपयोग हो और निर्धारित परियोजनाओं का लाभ समय से जनता तक पहुंचे।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत परियोजनाओं से संबंधित सभी लंबित प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा कराते हुए कार्यों को गति प्रदान की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।