14 अगस्त को प्रदर्शनी, कैंडल मार्च, दो मिनट का मौन, व्याख्यान, फिल्म प्रदर्शन एवं क्विज प्रतियोगिता सहित होंगे विविध कार्यक्रम
संवाददाता
उरई/जालौन
जनपद जालौन, 06 अगस्त 2026। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस-2026 के आयोजन की तैयारियों को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रमों को गरिमामय, प्रभावी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय एवं उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के क्रम में आगामी 14 अगस्त 2026 को जनपद में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को वर्ष 1947 में हुए भारत विभाजन की त्रासदी से परिचित कराना तथा विभाजन के दौरान प्रभावित लोगों के साहस, संघर्ष एवं बलिदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण करना है।
उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर भारत सरकार द्वारा विभाजन विभीषिका से संबंधित तैयार की गई सामग्री पर आधारित प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। साथ ही विभाजन के दौरान विस्थापित होकर भारत आए परिवारों को आमंत्रित कर उनकी स्मृतियों, दस्तावेजों एवं अन्य महत्वपूर्ण सामग्री का प्रदर्शन भी कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में कार्यक्रम के दौरान दो मिनट का मौन रखा जाए। इसके अलावा सिंधी समुदाय के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर आधारित वृत्तचित्र का प्रदर्शन कराया जाएगा। उन्होंने मुख्य आयोजन से पूर्व विभाजन पीड़ितों की स्मृति में कैंडल मार्च निकालने तथा विशिष्ट अतिथियों के उद्बोधन आयोजित कराने के निर्देश दिए।
विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में होंगे जागरूकता कार्यक्रम
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जनपद के विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों एवं अन्य सार्वजनिक संस्थानों में विभाजन विभीषिका विषय पर व्याख्यान, परिचर्चा एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। छात्र-छात्राओं को MyGov पोर्टल पर आयोजित राष्ट्रीय ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने भारत-पाकिस्तान विभाजन पर आधारित फिल्मों एवं डॉक्यूमेंट्री के प्रदर्शन तथा भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सामग्री पर आधारित प्रदर्शनी आयोजित कराने के निर्देश भी दिए। विभाजन विभीषिका पर आधारित नाटकों का मंचन कराने तथा अमृतकाल पोर्टल पर उपलब्ध स्क्रिप्ट एवं फिल्मों का उपयोग करने पर भी जोर दिया गया।
सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों की ली जाएगी सहभागिता
बैठक में निर्देश दिए गए कि कार्यक्रमों में सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया, सिंधी सभा, सिंधी अकादमी, सनातनी पंजाबी महासभा, बंगाली समुदाय सहित विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों का सहयोग लिया जाए। साथ ही उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली ऐतिहासिक सामग्री का अभिलेख प्रदर्शनी में समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन एवं कानून-व्यवस्था के पर्याप्त प्रबंध पहले से सुनिश्चित कर लिए जाएं, ताकि सभी आयोजन शांतिपूर्ण एवं गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हों।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज, अपर जिलाधिकारी न्यायिक योगेंद्र यादव, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एचएन प्रसाद, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।