गैर संचारी रोग कार्यक्रम की समीक्षा बैठक सम्पन्न

30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की एनसीडी स्क्रीनिंग तेज करने के निर्देश, तंबाकू एवं धूम्रपान के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता पर जोर

संवाददाता
कानपुर देहात

कानपुर देहात, 06 अगस्त 2026। निदेशक, स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कानपुर देहात के सभागार में गैर संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद ने की, जबकि संचालन उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं एनसीडी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. डी.के. सिंह द्वारा किया गया।

बैठक में 30 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों की गैर संचारी रोगों से संबंधित स्क्रीनिंग एवं उपचार व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने निर्देश दिए कि आशाओं द्वारा पात्र व्यक्तियों के सी-बैक फॉर्म भरवाए जाएं तथा एएनएम एवं सीएचओ द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से एनसीडी स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए।

डायबिटीज, हाईपरटेंशन सहित विभिन्न रोगों की स्क्रीनिंग पर जोर

बैठक में निर्देश दिए गए कि 30 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्तियों की डायबिटीज, हाईपरटेंशन, ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर एवं सीओपीडी आदि की स्क्रीनिंग की जाए। स्क्रीनिंग के दौरान आवश्यकता पाए जाने पर मरीजों को संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात चिकित्साधिकारियों के पास संदर्भित किया जाए।

चिकित्साधिकारियों को मरीजों की जांच, निदान एवं उपचार के साथ-साथ संबंधित विवरण ई-कवच पोर्टल/एप्लीकेशन पर समय से अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्रत्येक गुरुवार को सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं ब्लॉक स्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ‘मन चेतना दिवस’ आयोजित करने तथा इसकी रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

तंबाकू एवं धूम्रपान के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता पर जोर

बैठक में तंबाकू एवं धूम्रपान का सेवन न करने तथा हाईपरटेंशन एवं मधुमेह की नियमित जांच कराने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को तंबाकू एवं धूम्रपान से होने वाले नुकसान एवं दुष्प्रभावों के साथ-साथ इससे बचाव एवं रोकथाम के उपायों के प्रति आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर एवं सर्वाइकल कैंसर सहित अन्य गंभीर रोगों की रोकथाम एवं समय से पहचान के लिए जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक तनाव से बचाव, स्वस्थ जीवनशैली एवं संतुलित आहार के महत्व के बारे में भी लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए।

तंबाकू मुक्त परिसर बनाने पर जोर

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कोटपा अधिनियम, 2003 एवं पेफा अधिनियम, 2019 से संबंधित प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को अपने-अपने कार्यालयों एवं संस्थानों को ‘तंबाकू मुक्त परिसर’ घोषित कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में कोटपा अधिनियम, 2003 की धारा-4 के प्रावधानों के अनुसार सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए ₹200 तक के जुर्माने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

राज्य स्तरीय दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद ने राज्य स्तर से प्राप्त दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश सभी चिकित्सा अधीक्षकों एवं प्रभारी चिकित्साधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि एनसीडी की समय से पहचान, उपचार एवं नियमित फॉलोअप के साथ-साथ जनजागरूकता गतिविधियों को भी प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।

बैठक में डॉ. एस.एल. वर्मा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. सिद्धार्थ पाठक, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. अशोक कुमार, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित समस्त चिकित्सा अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी, अन्य चिकित्साधिकारी तथा संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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