12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक वादों के निस्तारण पर दिया जोर
संवाददाता
उरई/जालौन
उरई, 07 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत, 12 सितंबर 2026 को सफल बनाने के उद्देश्य से परिवार न्यायालय, जालौन स्थान उरई में अनुश्रवण राष्ट्रीय लोक अदालत समिति की प्रथम बैठक आयोजित की गई।
बैठक माननीय प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय जालौन स्थान उरई, श्री मनोज कुमार सिंह गौतम के कुशल निर्देशन में तथा अध्यक्ष/नोडल अधिकारी श्री प्रवीण कुमार पाण्डेय, अपर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय जालौन स्थान उरई की अध्यक्षता में नवनिर्मित परिवार न्यायालय भवन में वादकारियों के बैठने हेतु प्रतीक्षालय एवं परामर्शदाता केंद्र में सम्पन्न हुई।
बैठक में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों एवं संबंधित सदस्यों ने अधिक से अधिक मामलों को आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।
मध्यस्थता के माध्यम से मामलों के निस्तारण पर जोर
बैठक में परिवार कल्याण विशेषज्ञ सुश्री प्रियंका द्विवेदी एवं परामर्शदाता श्री के.के. प्रजापति ने बताया कि न्यायालय से लिटिगेशन/मध्यस्थता हेतु प्राप्त पत्रावलियों में पक्षकारों के मध्य मध्यस्थता कराई जा रही है। इसके साथ ही संबंधित वादकारियों से लगातार संपर्क स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि निर्धारित तिथियों पर पक्षकारों के मध्य सुलह-वार्ता कराने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है, ताकि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के आधार पर कराया जा सके।
बैठक में उपस्थित सदस्य एवं मध्यस्थगण ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए अधिकाधिक वादों के निस्तारण की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पक्षकारों के बीच मध्यस्थता कराकर विवादों को आपसी सहमति से समाप्त कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
अधिवक्ताओं ने भी सहयोग का दिया आश्वासन
बैठक में उपस्थित विद्वान अधिवक्ताओं ने भी आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों के निस्तारण में सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पक्षकारों को आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से विवाद समाप्त करने के लिए समझाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का सरल एवं शीघ्र निस्तारण हो सके।
बैठक में सदस्य/सदर मुंसरिम श्री काजी वसीम उल्ला, सदस्य/मध्यस्थ श्रीमती सुलेखा सिंह, श्री विनोद कुमार व्यास, न्यायालय कर्मचारी राजन मिश्रा तथा विद्वान अधिवक्तागण श्री रामजी शाक्यवार, श्री हेमन्त द्विवेदी, श्री अनुज पचौरी सहित अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक वादों के निस्तारण के लिए आपसी सुलह, मध्यस्थता एवं पक्षकारों की सहभागिता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया।