5 से 16 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर लगाए जाएंगे टीके, सीएमओ ने अभिभावकों से की सहयोग की अपील
संवाददाता | कानपुर देहात
जनपद कानपुर देहात में बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को टिटनेस, डिप्थीरिया और काली खांसी जैसी गंभीर संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से 03, 04, 06 एवं 07 अगस्त 2026 को विशेष टी.डी./डी.पी.टी. टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत जनपद के सभी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों का विद्यालय आधारित टीकाकरण किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जनपद के सभी विकास खण्डों में बुधवार एवं शनिवार को छोड़कर अन्य सभी कार्य दिवसों में विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों पर प्रशिक्षित ए.एन.एम. द्वारा टीकाकरण किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र बच्चे तक समय पर टीकाकरण की सुविधा पहुंचाना और उन्हें जानलेवा बीमारियों से सुरक्षित रखना है।
इन आयु वर्गों के बच्चों को लगाए जाएंगे टीके
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान के दौरान आयु के आधार पर निम्नलिखित टीके लगाए जाएंगे—
- डी.पी.टी.-2 बूस्टर : 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों (संभावित कक्षा-1) को।
- टी.डी.-10 : 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों (संभावित कक्षा-4 एवं 5) को।
- टी.डी.-16 : 16 वर्ष आयु वर्ग के किशोर-किशोरियों (संभावित कक्षा-10 एवं 11) को।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि टी.डी. (टिटनेस-डिप्थीरिया) एवं डी.पी.टी. (डिप्थीरिया, परट्यूसिस एवं टिटनेस) के टीके बच्चों को कई गंभीर एवं जानलेवा संक्रामक रोगों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। समय पर लगने वाले ये बूस्टर टीके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं और भविष्य में संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम करते हैं।
उन्होंने कहा कि टीकाकरण केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव है। इसलिए प्रत्येक पात्र बच्चे का निर्धारित समय पर टीकाकरण कराना अत्यंत आवश्यक है।
अभिभावकों से की सहयोग की अपील
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद ने जनपदवासियों एवं अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने बच्चों को विद्यालय, निकटतम टीकाकरण सत्र अथवा आंगनबाड़ी केन्द्र पर अवश्य भेजें, ताकि उन्हें टी.डी./डी.पी.टी. टीकाकरण का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और अभिभावकों के सहयोग से ही शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है, जिससे जनपद का प्रत्येक पात्र बच्चा गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रह सके।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अभियान के दौरान सभी टीके पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में लगाए जाएंगे। विभाग ने सभी विद्यालयों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं अभिभावकों से अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की है।