जिला अस्पताल में जिलाधिकारी का औचक निरीक्षण, मरीजों की सुविधाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं का लिया जायजा ओपीडी, वार्डों और दवा भंडार का किया निरीक्षण, वायरल बुखार व डायरिया के मरीजों पर विशेष निगरानी रखने के दिए निर्देश

संवाददाता
उरई/जालौन

जनपदवासियों को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बुधवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकीय व्यवस्थाओं, साफ-सफाई, दवा उपलब्धता एवं मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का गहनता से जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल की ओपीडी, ऑर्थो वार्ड, चिल्ड्रन वार्ड, आयुष्मान वार्ड, दवा वितरण काउंटर, दवा भंडार, जांच कक्ष एवं अन्य चिकित्सा इकाइयों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को समय पर, संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों तथा गंभीर रोगियों के उपचार को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

वर्षा ऋतु को देखते हुए जिलाधिकारी ने वायरल बुखार, डायरिया एवं मौसमी संक्रामक रोगों के बढ़ते खतरे पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मरीजों की नियमित निगरानी की जाए तथा आवश्यक जांच, उपचार एवं दवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि संभावित मरीजों की संख्या को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त दवाओं, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों एवं चिकित्सकीय संसाधनों की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित रहे।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल के वार्डों, शौचालयों, गलियारों एवं परिसर में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने, संक्रमण नियंत्रण के मानकों का कड़ाई से पालन करने तथा मरीजों एवं उनके परिजनों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए साफ-सफाई में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके तीमारदारों से सीधे संवाद कर उपचार व्यवस्था, चिकित्सकों के व्यवहार, दवाओं की उपलब्धता तथा अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मरीजों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकांश मरीजों एवं उनके परिजनों ने अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकों के व्यवहार एवं उपचार व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया।

निरीक्षण के दौरान सभी वार्डों में कूलर, एयर कंडीशनर एवं पंखे सुचारु रूप से संचालित पाए गए। वहीं दवा भंडार का निरीक्षण करने पर आवश्यक जीवनरक्षक एवं सामान्य उपयोग की दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध मिला। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में अस्पताल में आवश्यक दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए तथा प्रत्येक मरीज को निर्धारित दवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि जिला अस्पताल में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र उच्च क्षमता (हेवी) जनरेटर की व्यवस्था कराई जाए। उन्होंने कहा कि बिजली बाधित होने की स्थिति में भी अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, फिजियोथेरेपी, पैथोलॉजी जांच एवं अन्य आवश्यक चिकित्सा सेवाएं बिना किसी व्यवधान के संचालित रहनी चाहिए, ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी पूरी संवेदनशीलता, जिम्मेदारी एवं समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, जिससे आमजन को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके और जनपद की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बन सकें।

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