जल जीवन मिशन के तहत ‘जल सारथी’ मोबाइल ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश, ग्राम स्तर तक शत-प्रतिशत डाउनलोड सुनिश्चित कराने पर जोर ग्राम प्रधान, सचिव, VWSC सदस्य, एफटीके प्रशिक्षित महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां, शिक्षक एवं अन्य हितधारकों के मोबाइल में ऐप इंस्टॉल कराने के दिए निर्देश

संवाददाता
उरई/जालौन

जनपद जालौन, 29 जुलाई 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं की पारदर्शी निगरानी, जनसहभागिता बढ़ाने तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जल जीवन मिशन के अंतर्गत विकसित “जल सारथी” मोबाइल ऐप के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं शत-प्रतिशत डाउनलोड सुनिश्चित कराने के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने एनआईसी सभागार में आयोजित बैठक में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि “जल सारथी” मोबाइल ऐप ग्रामीण पेयजल योजनाओं की निगरानी, जल गुणवत्ता परीक्षण, शिकायत निस्तारण एवं जनभागीदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल है। उन्होंने निर्देश दिए कि जनपद के प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर तक इस ऐप का अधिकतम प्रचार-प्रसार किया जाए तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी लक्षित हितधारकों के मोबाइल फोन में इसका डाउनलोड एवं इंस्टॉलेशन सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस ऐप के माध्यम से जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित पेयजल योजनाओं की जनपद एवं ग्राम स्तर तक अद्यतन जानकारी, मल्टी-लेवल डैशबोर्ड, ग्रामवार योजनाओं की प्रगति, निर्माण कार्य, संचालन एवं अनुरक्षण की स्थिति का आसानी से अवलोकन किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त जल गुणवत्ता परीक्षण, फील्ड टेस्ट किट (FTK) से संबंधित गतिविधियों, जल गुणवत्ता प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी तथा पाइपलाइन क्षति, अनियमित जलापूर्ति, सड़क पुनर्स्थापन एवं अन्य तकनीकी समस्याओं की जानकारी भी ऐप पर उपलब्ध रहेगी।

उन्होंने कहा कि “जल सारथी” ऐप के माध्यम से नागरिक पाइप पेयजल योजनाओं से संबंधित शिकायतें ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे, शिकायतों की प्रगति की निगरानी कर सकेंगे तथा उनके निस्तारण की अद्यतन स्थिति भी देख सकेंगे। इससे शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता बढ़ेगी और आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध होंगी। ऐप पर ग्राम पंचायत स्तर की जलापूर्ति व्यवस्था, ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति (VWSC), एफटीके प्रशिक्षित महिलाओं, ग्राम प्रधानों एवं अन्य संबंधित हितधारकों का विवरण भी उपलब्ध रहेगा।

बैठक में यह भी बताया गया कि ऐप के माध्यम से सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) तथा आईएसए (ISA) गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की जा सकेगी। साथ ही विभागीय अधिकारियों के संपर्क विवरण, विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट एवं अन्य आवश्यक सूचनाएं भी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेंगी, जिससे ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं कार्यकुशलता को बढ़ावा मिलेगा।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव, ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति (VWSC) के सदस्य, एफटीके प्रशिक्षित महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां, प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक, लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी, आशा कार्यकर्त्रियों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के मोबाइल फोन में “जल सारथी” ऐप डाउनलोड एवं इंस्टॉल कराया जाए। साथ ही सभी हितधारकों को ऐप की उपयोगिता, प्रमुख सुविधाओं एवं संचालन की जानकारी भी दी जाए, ताकि वे अपने गांव की पेयजल व्यवस्था, जल गुणवत्ता, योजनाओं की प्रगति तथा शिकायतों के निस्तारण की नियमित निगरानी कर सकें।

उन्होंने निर्देश दिए कि जिला स्तर एवं जिला जल एवं स्वच्छता मिशन (DWSM) की बैठकों में इस अभियान की नियमित समीक्षा की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्धारित समयावधि के भीतर सभी लक्षित हितधारकों के मोबाइल फोन में ऐप डाउनलोड हो जाए और उसका प्रभावी उपयोग प्रारंभ हो। उन्होंने कहा कि इस डिजिटल पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं की निगरानी और अधिक सशक्त होगी तथा आम नागरिकों तक सेवाओं और सूचनाओं की पहुंच सरल एवं पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित हो सकेगी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजीव राज, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचंद मौर्य, अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) गुप्ता, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित जल जीवन मिशन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से समन्वित प्रयास करते हुए इस अभियान को सफल बनाने और जनपद के प्रत्येक ग्राम तक “जल सारथी” ऐप की पहुंच सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

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