संवाददाता | कानपुर देहात
पारिवारिक विवादों का स्थानीय स्तर पर त्वरित, संवेदनशील एवं सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को अपर पुलिस महानिदेशक (कानपुर जोन) श्रीमती अनुपम कुलश्रेष्ठ ने वर्चुअल माध्यम से जनपद कानपुर देहात के विभिन्न सर्किलों में स्थापित ‘परिवार जागृति’ विकेन्द्रित परिवार परामर्श केंद्रों का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में उपमहानिरीक्षक कानपुर परिक्षेत्र यमुना प्रसाद, उपमहानिरीक्षक झांसी परिक्षेत्र आकाश कुलहरि, कानपुर जोन के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
इन स्थानों पर स्थापित किए गए केंद्र
जनपद में निम्न स्थानों पर ‘परिवार जागृति’ परिवार परामर्श केंद्र स्थापित किए गए हैं—
- सर्किल अकबरपुर – पुलिस लाइन
- सर्किल रसूलाबाद – थाना शिवली
- सर्किल डेरापुर – थाना डेरापुर
- सर्किल भोगनीपुर – थाना भोगनीपुर
- सर्किल सिकंदरा – थाना सिकंदरा
प्रत्येक केंद्र पर प्रशिक्षित महिला काउंसलर तैनात रहेंगी, जो पारिवारिक विवादों में दोनों पक्षों की काउंसलिंग कर आपसी संवाद और समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान कराने का प्रयास करेंगी। आवश्यकता पड़ने पर पीड़ित पक्ष को विधिक परामर्श एवं अन्य आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
अब जिला मुख्यालय आने की जरूरत नहीं
पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि इन केंद्रों के शुरू होने से अब पारिवारिक विवादों से जुड़े लोगों को समाधान के लिए जिला मुख्यालय नहीं आना पड़ेगा। उन्हें अपने निकटतम सर्किल स्तर पर ही परामर्श, मार्गदर्शन और सहायता मिलेगी, जिससे समय, धन और श्रम की बचत होगी तथा मामलों का शीघ्र निस्तारण संभव हो सकेगा।
एडीजी ने बताया केंद्रों का उद्देश्य
अपर पुलिस महानिदेशक अनुपम कुलश्रेष्ठ ने कहा कि परिवार समाज की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है और मजबूत परिवार ही मजबूत समाज की नींव रखते हैं। उन्होंने कहा कि ‘परिवार जागृति’ का उद्देश्य संवाद, परामर्श और आपसी समझ के माध्यम से टूटते परिवारों को जोड़ना तथा सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करना है। उन्होंने अधिकारियों को सभी मामलों का संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
केंद्रों की प्रमुख कार्यप्रणाली
‘परिवार जागृति’ केंद्रों की कार्यप्रणाली को सरल और प्रभावी बनाया गया है। इसके तहत—
- एक रजिस्टर–एक फाइल–एक शीट प्रणाली लागू होगी।
- प्रत्येक सर्किल में सप्ताह में तीन दिन नियमित परिवार परामर्श होगा।
- सभी मामलों का मिशन शक्ति केंद्र से डिजिटल एकीकरण किया जाएगा।
- निस्तारित मामलों का समय-समय पर फॉलो-अप और सत्यापन किया जाएगा।
- संबंधित क्षेत्राधिकारी (सीओ) केंद्रों की नियमित निगरानी करेंगे।
उद्देश्य
इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य गैर-आपराधिक पारिवारिक विवादों का न्यायालय या औपचारिक पुलिस कार्रवाई से पहले संवाद, परामर्श और आपसी सहमति के माध्यम से समाधान कराना, परिवारों में विश्वास कायम रखना तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रसाद, सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, महिला पुलिस अधिकारी, महिला परामर्शदाता तथा अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।