संवाददाता
उरई/जालौन
जनपद जालौन में 16 से 22 जुलाई तक आयोजित भू-जल सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में जल गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष/प्रशासक डॉ. घनश्याम अनुरागी, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन एवं जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर संचालित “कैच द रेन” अभियान का उद्देश्य वर्षा की प्रत्येक बूंद का संरक्षण कर भू-जल स्तर को बढ़ाना और जल संकट का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। सभी लोगों से वर्षा जल संचयन को अपनाने और जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया गया।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि “जहाँ गिरे, जब गिरे, वर्षा जल को वहीं संचित करें” के मूल मंत्र को अपनाकर ही जल संकट का प्रभावी समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि भू-जल संरक्षण में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है तथा प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर, विद्यालय, कार्यालय एवं सार्वजनिक स्थलों पर वर्षा जल संचयन की व्यवस्था करनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि भू-जल सप्ताह के दौरान जनपद में जागरूकता रैलियां, गोष्ठियां, प्रतियोगिताएं, पौधरोपण अभियान तथा विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय जल मिशन के अंतर्गत उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं एवं नागरिकों को “जल शपथ” दिलाई गई। सभी ने संकल्प लिया कि वे जल का विवेकपूर्ण उपयोग करेंगे, पानी की प्रत्येक बूंद का संरक्षण करेंगे, “जल शक्ति अभियान : कैच द रेन” को सफल बनाने में सहयोग देंगे तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी जल बचाने एवं जल के अपव्यय को रोकने के लिए प्रेरित करेंगे।
जल गोष्ठी में जल संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण, जल स्रोतों के संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि यदि आज जल संरक्षण के प्रति गंभीर प्रयास नहीं किए गए, तो भविष्य में जल संकट और अधिक गंभीर हो सकता है। इसलिए जल बचाने की आदत को प्रत्येक नागरिक को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचंद मौर्य, परमार्थ संस्था से वरुण सिंह, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।