भू-जल सप्ताह के तहत निकली जागरूकता रैली, जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का लिया संकल्प

संवाददाता
उरई/जालौन

प्रधानमंत्री के “कैच द रेन – हर बूंद बचाएं, भविष्य बनाएं” अभियान के तहत जनपद जालौन में भू-जल सप्ताह के अवसर पर जल संरक्षण एवं जन-जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस दौरान सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा एवं जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट परिसर से जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

रैली का उद्देश्य आमजन को भू-जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करना और जल संरक्षण को जनभागीदारी का जनआंदोलन बनाना था।

सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि जल प्रकृति की अमूल्य धरोहर है और इसका संरक्षण प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देशभर में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है। यदि प्रत्येक नागरिक वर्षा जल संचयन, जल के सदुपयोग एवं जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि भू-जल स्तर में सुधार के लिए वर्षा जल संचयन, जल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण तथा जल का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति इस महाअभियान का सहभागी बन सके।

रैली में जल सहेलियों, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने कलेक्ट्रेट परिसर से टाउन हॉल तक हाथों में जल संरक्षण संबंधी तख्तियां एवं बैनर लेकर रैली निकाली और “जल है तो कल है”, “हर बूंद बचाएं, भविष्य बनाएं”, “कैच द रेन” तथा “वर्षा जल का करें संचयन” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर ‘कैच द रेन’ सेल्फी एवं रील प्रतियोगिता का भी प्रचार-प्रसार किया गया। आमजन से अपील की गई कि वे वर्षा जल संरक्षण के अपने प्रयासों को सेल्फी या रचनात्मक रील के माध्यम से साझा कर MyGov प्लेटफॉर्म पर प्रतियोगिता में भाग लें और अन्य लोगों को भी जल संरक्षण के लिए प्रेरित करें।

कार्यक्रम के अंत में जनपदवासियों से जल का अनावश्यक दोहन रोकने, वर्षा जल संचयन को जीवनशैली का हिस्सा बनाने तथा “हर बूंद बचाएं, भविष्य बनाएं” के संकल्प के साथ जल-सुरक्षित एवं सतत विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *