थाना दिवस में जिलाधिकारी ने सीधे फरियादियों से लिया फीडबैक, कहा- शिकायत का समाधान ही प्रशासन की असली कसौटी पुलिस अधीक्षक ने भी दूरभाष पर शिकायतकर्ताओं से की बातचीत, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की परखी हकीकत

संवाददाता, उरई/जालौन

जनपद के थाना कोटरा सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान थाना दिवस में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान दिवस के दौरान कुल तीन प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनके त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने केवल नई शिकायतों की सुनवाई ही नहीं की, बल्कि पिछले संपूर्ण समाधान थाना दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने अभिलेखों पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर संपर्क कर वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया। इस दौरान 10 शिकायतकर्ताओं से रैंडम फीडबैक लिया गया, जिसमें सभी ने अपने प्रकरणों के निस्तारण पर संतोष व्यक्त किया।

जिलाधिकारी ने ऐन्धा निवासी ममता देवी से दूरभाष पर वार्ता करते हुए स्वयं का परिचय दिया और पूछा कि पूर्व में की गई शिकायत का निस्तारण होने के बाद क्या वह संतुष्ट हैं। ममता देवी ने बताया कि उनकी समस्या का समाधान हो चुका है और वह पूरी तरह संतुष्ट हैं। इसी प्रकार विनोरा निवासी कमलेश से भी बातचीत कर शिकायत के निस्तारण की पुष्टि की गई, जिन्होंने प्रशासन की कार्यवाही पर संतोष व्यक्त किया।

पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने मुगलानाघाट निवासी बृजमोहन से दूरभाष पर संपर्क कर उनकी पूर्व शिकायत के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने यह भी पूछा कि कहीं किसी प्रकार के दबाव में आकर तो संतुष्टि व्यक्त नहीं की गई है। इस पर शिकायतकर्ता ने स्पष्ट रूप से बताया कि उसकी शिकायत का वास्तविक एवं संतोषजनक निस्तारण किया गया है तथा उस पर किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की वास्तविक स्थिति जानने के लिए यह फीडबैक लिया जा रहा है और शिकायतकर्ता का सहयोग करने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा केवल शिकायतों के निस्तारण की औपचारिकता पूरी करना नहीं, बल्कि प्रत्येक फरियादी को न्याय एवं संतुष्टि प्रदान करना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण के बाद संबंधित शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से फीडबैक प्राप्त करें तथा प्रत्येक प्रकरण का समाधान पारदर्शी, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से सुनिश्चित करें।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस एवं प्रशासन की विश्वसनीयता तभी सुदृढ़ होगी, जब शिकायतकर्ता स्वयं यह महसूस करे कि उसकी समस्या का निष्पक्ष समाधान हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संवेदनशील व्यवहार एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।

इस अवसर पर थाना प्रभारी निरीक्षक विमलेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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