संवाददाता, उरई/जालौन
जालौन। न्यायिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक संवेदनशील एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जिला जज विरजेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे, सिविल जज (सी.डी.) एवं प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतिभा तथा जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य द्वारा जिला कारागार का संयुक्त निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कारागार की विभिन्न बैरकों, अस्पताल, पुस्तकालय, रसोईघर, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था तथा बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कारागार अस्पताल में उपचाराधीन बंदियों की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए चिकित्सकीय सुविधाओं, दवा उपलब्धता एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण व्यवस्था का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पुस्तकालय का निरीक्षण कर बंदियों के बौद्धिक एवं नैतिक विकास हेतु उपलब्ध पुस्तकों एवं अध्ययन सुविधाओं की समीक्षा की गई। वहीं रसोईघर में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता मानकों तथा खाद्य सामग्री के रख-रखाव की जांच की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि बंदियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा स्वच्छता व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
जिला जज विरजेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि कारागार केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार एवं पुनर्वास का केंद्र भी है। बंदियों के संवैधानिक एवं मानवाधिकारों की रक्षा के साथ उन्हें सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि विधिक सहायता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कौशल विकास से जुड़ी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, जिससे बंदी समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक पुनर्स्थापित हो सकें।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि कारागार में सुरक्षा, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का नियमित अनुश्रवण किया जाए तथा सभी व्यवस्थाएं शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हों।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि कारागार की सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचाव हेतु निगरानी एवं सतर्कता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ रखा जाए।