संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु जुलाई माह बनेगा जनजागरूकता का महाअभियान : जिलाधिकारी

संवाददाता, उरई/जालौन

जालौन। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान (1 जुलाई से 31 जुलाई), दस्तक अभियान (11 जुलाई से 31 जुलाई) तथा 28 जून को प्रस्तावित सघन पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के सफल संचालन हेतु आयोजित जनपद स्तरीय अंतरविभागीय समन्वय बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में विभिन्न विभागों की भूमिका, कार्ययोजना एवं जनजागरूकता गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात का मौसम संचारी एवं वेक्टर जनित रोगों के लिए अत्यंत संवेदनशील होता है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए इन अभियानों को जनआंदोलन का स्वरूप दें। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों, नगर निकायों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, जलभराव निस्तारण, फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव तथा व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां समयबद्ध रूप से संचालित की जाएं।

दस्तक अभियान के अंतर्गत आशा, एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर भ्रमण कर बुखार, डायरिया, टीबी, कुष्ठ रोग, फाइलेरिया, दिमागी बुखार एवं अन्य संचारी रोगों के संभावित मरीजों की पहचान करेंगी। साथ ही परिवारों को मच्छरों से बचाव, मच्छरों के प्रजनन स्थलों के निस्तारण, स्वच्छ पेयजल उपयोग एवं व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा।

अभियान के दौरान प्रत्येक परिवार के सदस्यों की आभा आईडी (ABHA ID) बनाई जाएगी तथा लक्षणयुक्त व्यक्तियों का विवरण ई-कवच पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा दिमागी बुखार, फाइलेरिया, स्क्रब टायफस, लेप्टोस्पायरोसिस सहित अन्य रोगों के लक्षण एवं बचाव की जानकारी भी दी जाएगी।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें उपचार एवं पोषण सेवाओं से जोड़ने तथा डायरिया की रोकथाम हेतु ओआरएस एवं जिंक के उपयोग के प्रति परिवारों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने नगर निकायों एवं पंचायती राज विभाग को नालियों की नियमित सफाई, जलभराव स्थलों के निस्तारण, झाड़ियों की कटाई एवं मच्छरजनित रोगों की रोकथाम हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। विद्यालयों में विद्यार्थियों के माध्यम से स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा अभिभावकों को भी अभियान से जोड़ने पर जोर दिया गया।

स्टॉप डायरिया अभियान-2026 की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि ओआरएस एवं जिंक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को वितरण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को खुले एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

पल्स पोलियो अभियान की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि 28 जून को कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे, इसके लिए सभी विभाग समन्वय स्थापित कर शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह सामूहिक उत्तरदायित्व है। यदि सभी विभाग अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन करें और जनसहभागिता सुनिश्चित हो, तो जनपद को इन रोगों से सुरक्षित रखा जा सकता है।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरिनंदन प्रसाद, एसीएमओ डॉ. ए.पी. वर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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